महाराष्ट्र में कल रात 8 बजे से और सख्ती लागू, पूरे राज्य में लगी धारा 144, जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से निकलें 

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज): महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करके प्रदेशवासियों कोरोना के कारण उपजे हालात और राज्य की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। सीएम उद्धव ठाकरे ने ऐलान किया है कि महाराष्ट्र में कल रात 8 बजे से सख्त पाबंदियां लागू होंगी। कल से ब्रेक द चेन अभियान शुरू होगा। महाराष्ट्र में जरूरी सेवाएं छोडक़र सभी सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि15 दिन तक केवल जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी।  बिना जरूरत कहीं भी आना-जाना बंद रहेगा। पूरे राज्य में धारा 144 लागू रहेगी। बेवजह घर से निकलने पर बैन रहेगा।लोकल और अन्य बसें चलती रहेंगी. ऑटो-टैक्सी की सेवाएं भी जारी रहेंगी। बैंक के कामकाज जारी रहेंगे। अगले एक महीने तक  2 किलो चावल, 3 किलो गेहूं गरीबों को फ्री में दिए जाएंगे। इससे 7 करोड़ लोगों को लाभ होगा। शिवभोजन थाली अगले एक महीने तक मुफ्त में दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि रेमडेसिवीर की मांग काफी बढऩे लगी है। बीच में मांग कम हो गई थी लेकिन अब फिर से मांग तेज हो गई है। कोरोना पर सारी सुविधाएं कम पड़ रही हैं। हमने केंद्र सरकार को कहा है कि यह वक्त हमारे हाथ से निकल गया तो कोविड से हालात बिगड़ते जाएंगे। ऑक्सीजन की कमी हो रही है। केंद्र सरकार एयर मार्ग से ऑक्सीजन की आपूर्ति करे। जीएसटी रिटर्न की तिथि बढ़ाई जाए। वैक्सीनेशन की स्पीड भी बढ़ाई जाए।  
अपने राज्य में रोज 1200 मीट्रिक टन उत्पादन होता है, जिसका इस्तेमाल 100 परसेंट कोरोना मरीजों के लिए हो रहा है।
 
परीक्षाएं भी टाली गई हैं जिससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश में कोरोना कंट्रोल से बाहर हो रहा है। यह बहुत बड़ा संकट है। सभी राजनीतिक दलों को एकसाथ लडऩा होगा। यह राजनीति का समय नहीं है। दरअसल कोरोना के कारण रोजगार के संकट के बीच मुंबई से मजदूरों का पलायन जारी हैं। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल स्टेशन पर कई दिनो से देश के अलग-अलग हिस्सों में जाने के लिए हजारों मजदूर पहुंच रहे हैं। मजदूरों के पलायन पर राज्य के श्रम मंत्री अपील कर रहे हैं कि वो राज्य छोडक़र ना जाए अघाड़ी सरकार उनका पूरा ख्याल रखेगी। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर हाथों में बैग और चेहरे पर परेशानी लिए लोग नजर आ रहे हैं। पलायन करने वाले लोगों में ज्यादातर वो लोग हैं जो मुंबई में छोटा-मोटा काम करके अपना घर चलाया करते थे, लेकिन कोरोना के कारण काम बंद हो गया। बता दें कि बीती 11 अप्रैल को ही सीएम उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में कैबिनेट और कोविड टास्क फोर्स की बैठक हुई थी। इसके बाद कैबिनेट मंत्री असलम शेख ने बताया था कि बैठक में शामिल ज्यादातर लोगों ने लॉकडाउन पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा था कि बैठक में राज्य में 2 से 3 सप्ताह तक के लॉकडाउन का सुझाव आया है। बता दें कि महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 51,751 मामले सामने आए और महामारी से 258 लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह जानकारी दी गई। इससे एक दिन पहले राज्य में संक्रमण के 63,294 मामले सामने आए थे।