मंत्रिमंडल में फेरबदल के कयास, हमीरपुर को उम्मीद

हमीरपुर (विशाल राणा): मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार के कयासों के चलते हमीरपुर जिला फिर उम्मीद से है। हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में शायद ये पहला अवसर है जहां सरकार में जिला की भागीदारी ना के बराबर है। चाहे सरकार जिस भी दल की रही हो हमीरपुर, हमेशा से सत्ता के केंद्र में रहा है। 1998 के बाद जिला को में प्रेमकुमार धूमल का वर्चस्व रहा चाहे भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की, धूमल के चलते जिला ने कभी भी खुद को सत्ता से महरूम नही समझा। 2017 के चुनावों में हुए अप्रतियाशित उलटफेर के चलते जिला न केवल मुख्यमंत्री खोया बल्कि राजनीतिक रसूख भी खो दिया। सत्ता में होते हुए भी घोर विपक्ष से अनुभव कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को अब नए मंत्रिमंडल विस्तार से उम्मीद दिखाई दे रही है।

वर्तमान में जिला में भाजपा के 2 विधायक है हमीरपुर से नरेंद्र ठाकुर और भोरंज से कमलेश कुमारी। भाजपा कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि इन दोनों में के किसी एक को मंत्रिमंडल में स्थान दिया जाना चाहिए। अगर कयासों की बात करें कि यदि कांगड़ा से एक मात्र महिला मंत्री सरवीण चौधरी अपनी जगह कैबिनेट में बचाये रखने में कामयाब रहती हैं तो उस स्थिति में पहली बार विधायक बनी कमलेश कुमारी का मंत्री बनाया जाना असंभव लगता है। इस स्थिति में हमीरपुर सदर के विधायक नरेंद्र ठाकुर की लॉटरी लग सकती है। भाजपा और जनसंघ के दिग्गज नेता रहे जगदेव चंद ठाकुर के सुपुत्र नरेंद्र ठाकुर दूसरी बार विधायक बने है।

वही उनके परिवार का पूरे जिला में अपना एक शसक्त जनाधार भी है। सूत्रों की माने तो नरेंद्र ठाकुर, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा की पसंद हैं और उनका मंत्री बनना मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की भविष्य की राजनीति को भी सूट करता है। बरहाल कौन बनेगा मंत्री ये तो कुछ दिनों में ही पता चलेगा पर हमीरपुर जिला जिला को उम्मीद है कि वर्तमान सरकार में जिला की सहभागिता रहे।