छोटे-छोटे कारण मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट निर्माण में न बने बाधा : जयराम ठाकुर

शिमला (पी.सी. लोहमी): राज्य में क्रियान्वित की जा रही सभी चिकित्सा महाविद्यालय परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करना और इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह बात यहां राज्य में नए चिकित्सा महाविद्यालयों के भवन निर्माण की प्रगति सम्बन्धी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि निष्पादन एजेंसियों को न केवल इन परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करना सुनिश्चित करना चाहिए, बल्कि अनावश्यक विलंब से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे लागत में वृद्धि होती है। उन्होंने अधिकारियों को सभी प्रकार के अवरोध दूर करने के निर्देश दिए ताकि परियोजनाएं सम्पूर्ण रूप से क्रियान्वयन के लिए पूर्णत: तैयार हो सकें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से इन परियोजनाओं के विकास की निरन्तर निगरानी के लिए एक प्रभावी तंत्र भी विकसित किया जाना चाहिए।

जयराम ठाकुर ने कहा कि इन परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए समुचित समन्वय प्रणाली विकसित की जानी चाहिए क्योंकि ये परियोजनाएं प्रदेश सरकार के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों का कार्य पूरा होने से प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में सरकारी क्षेत्र में छह चिकित्सा महाविद्यालय, निजी क्षेत्र में एक महाविद्यायल कार्यशील है जबकि जिला बिलासपुर में एम्स निर्माणाधीन है और इसके अलावा जिला ऊना में पीजीआई सैटेलाइट सैंटर कार्यशील है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रियान्वयन एजेंसियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि छोटे-छोटे कारणों से परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में देरी न हो। चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को क्रियान्वयन एजेंसियों के साथ-साथ ठेकेदारों के साथ भी समन्वय बनाए रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डॉ. वाई. एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन का निर्माण 261 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा का निर्माण एनबीसीसी द्वारा किया जा रहा है औ जिला हमीरपुर में 355 करोड़ रुपये की लागत से डॉ. राधा कृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल निर्मित किया जा रहा है।  जय राम ठाकुर ने कहा कि शिमला में चमियाना के नजदीक इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के 300 विस्तर से अधिक की क्षमता के सुपर स्पेशलिटी ब्लाक का निर्माण अगले चार से पांच माह में पूर्ण हो जायेगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक की ओर जाने वाले सम्पूर्ण मार्ग को चैड़ा करने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं प्रधान निजी सचिव डॉ. आर.एन.बत्ता, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, डॉ रवि शर्मा, चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।