बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के गौरवमयी इतिहास से संगत को कराया अवगत 

कुरुक्षेत्र (दुग्गल) -  गुरुद्वारा नीलधारी संप्रदाय पिपली साहिब में संत बाबा सतनाम सिंह जी (राजा जोगी) द्वारा सरहिंद फतेह दिवस और संक्रांति पर्व धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में गुरबाणी कीर्तन करते हुए संत बाबा सतनाम सिंह जी ने कहा कि परमात्मा का नाम सिमरन करने से मनुष्य को यमदूत का भय नहीं रहता। इसलिए हमें परमपिता परमात्मा के चरणों से जुडऩा चाहिए। वे बुधवार को गुरुद्वारा नीलधारी संप्रदाय पिपली साहिब में देश-विदेश से पहुंची संगत को अपने अनमोल वचनों से सराबोर कर रहे थे।

उन्होंने ज्येष्ठ के महीने की कथा से भी संगत को निहाल किया। संत जी ने बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के गौरवमयी इतिहास से संगत को अवगत करवाते हुए सरहिंद फतेह दिवस के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। इससे पहले गुरुद्वारा साहिब में पिछले कई दिनों से चल रहे 9 श्री सहज पाठ और 3 श्री अखंड पाठ साहिब के भोग पाए गए। कार्यक्रम में भाई साहिब भाई निर्मल सिंह खालसा, बीबा अरविंद पाल कौर, बीबा अर्पणा कौर, भाई गुरप्रीत सिंह शिमला वाले, भाई बलप्रीत सिंह लुधियाना वाले, भाई गुरमीत सिंह सहारनपुरी और गुरुद्वारा साहिब के हजूरी रागी भाई अर्जुन सिंह परवाना व भाई सूबा सिंह ने गुरबाणी कीर्तन करके संगत को निहाल किया।

प्रसिद्ध गुरबाणी कथा वाचक ज्ञानी हेम सिंह दिल्ली वाले ने गुरबाणी शब्द की व्याख्या कर संगत को सरहिंद फतेह दिवस के इतिहास पर विस्तार से चर्चा की। मंच का संचालन बाबा जवाहर सिंह ने किया। कार्यक्रम में भाई साहिब भाई कर्म सिंह, भाई मोहन सिंह, प्रेम हंस सिंह, प्रेम निवास सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जसवंत ङ्क्षसह, महासचिव शमशेर सिंह, जत्थेदार अवतार सिंह, दविंदर सिंह, बचित्र सिंह खुराना, मोहन सिंह, रब सिंह, बलविंद्र सिंह फौजी आदि ने गुरु घर में सेवा की। समागम में अमेरिका, थाईलैंड, जापान, सिंगापुर सहित विभिन्न देशों के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, चंडीगढ़, यूपी, उतरांचल, दिल्ली व राजस्थान से भी भारी संख्या में संगत को गुरु का लंगर अटूट बरताया गया।