GST अधिकारी कारोबारियों की समस्याओं का सक्रियता से समाधान करें: सीतारमण

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज)- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (nirmala sitaraman)  ने भारतीय कारोबारियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए बुधवार को वस्तु एवं सेवा कर (GST) अधिकारियों से कारोबारियों की समस्याओं का पूरी सक्रियता से समाधान करने को कहा। श्रीमती सीतारमण (nirmala sitaraman) ने जीएसटी की तीसरी वर्षगांठ के मौके कर अधिकारियों को भेजे संदेश में कहा कि करदाताओं के लिये नियमों के अनुपालन को और सरल बनाने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर कर खासकर जीएसटी के लक्ष्य को लेकर प्रशासन को बड़ी भूमिका निभानी है।


उन्होंने कहा, ‘‘हमें निश्चित रूप से कारोबारी समुदाय की समस्याओं को देखना चाहिए और उसका पूरी सक्रियता से समाधान करना चाहिए ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। केवल इस अति सक्रियता के साथ हम निकट भविष्य में जरूरी आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने अप्रत्यक्ष कर की दिशा में ऐतिहासिक सुधार करते हुये एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू किया था। इसमें अप्रत्यक्ष करों को मिला दिया गया था। इसके लागू होने से लेकर अबतक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है और रिटर्न फाइल को खासकर छोटे कारोबारियों के लिये सुगम किया गया है। उन्होंने कहा कि करदाताओं के लिये कर अनुपालन को और आसान बनाने तथा सुधारों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को बताने के लिये और प्रयासों की जरूरत है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘हमें कर प्रशासन को काफी आसान बनाने के लिये प्रयास करना है जिसमें करदाता सभी कर बाध्यताओं को पूरा करने में सहज महसूस करें। जहां तक कर प्रशासन का सवाल है, यह वास्तव में सही मायने में कारोबार सुगमता होगा।’’

उन्होंने कहा कि देश अभी कोरोना वायरस महामारी का सामना कर रहा है और इससे देश की आर्थिक गतिविधियां भी बाधित हुयी है। चुनौती के इस काल में साहसी काम करने के लिए सीबीईसी की सराहना करते हुये कहा कि सीबीईसी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर काम किया है।