शोपियां में बंद से जनजीवन बेहाल

श्रीनगर (उत्तम हिन्दू न्यूज): जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में कथित तौर पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में चार युवकों के मारे जाने की घटना के पांच साल पूरे होने और रात भर मारे गये छापों में युवकों की गिरफ्तारी के खिलाफ बंद के कारण शुक्रवार को जनजीवन बेहाल रहा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहें और सड़कों से यातायात नदारद रहा। सरकारी कार्यालय और शिक्षण संस्थान भी प्रभावित रहें।

दक्षिण कश्मीर में शोपियां, राजौरी और पुंछ से जोड़ने वाले ऐतिहासिक मुगल रोड पर यातायात चालू रहा लेकिन यहां भी किसी किस्म की अप्रिय घटना रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किये गये थे।

शोपियां के गगरेन क्षेत्र में 2013 में आज ही के दिन चार युवकों शोपियां स्थित बाबा मोहल्ला के तवसीफ अहमद भट, जैनापोरा स्थित दुरपोरा के मोहम्मद युसूफ सोफी, कुलगाम में ओके के तारिक अहमद मीर और एक गैर स्थानीय मजदूर की कथित तौर पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी से मौत हुई थी। उन्होंने बताया कि रात भर मारे गये छापों के दौरान गिरफ्तार किये गये युवाओं के खिलाफ भी बंद रखा गया था।
 

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