शिमला के 200 सरकारी मकानों में भूतों का डेरा, यहां नहीं रहना चाहते सरकारी मुलाजिम

शिमला (उत्तम हिन्दू न्यूज) : हिमाचल की राजधानी शिमला में 200 ऐसे सरकारी भवन खाली हैं जिनमें कोई भी कर्मचारी या अधिकारी रहने को तैयार नहीं है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सभी अधिकारियों को सरकारी आवास चाहिए। आवास आवंटन के लिए लंबी लाइन लगी है लेकिन उन 200 मकान में कोई नहीं रहना चाहता है। इसका कारण सुन कर आप हैरान हो जाएंगे। दरअसल, ये सभी मकान भूत के डर से खाली पड़े हुए हैं। भूतके डर से खाली पड़े इन भवनों में कोई रहने को तैयार नहीं है। इन भवनों के बारे में लोगों का मानना है कि यहां पर रहने वाला कोई भी शख्स जिंदा नहीं रहता।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शिमला में आज की तारीख में 200 ऐसे सरकारी भवन हैं जो तथाकथित भूतों या नकारात्मक शक्तियों से प्रभावित हैं। सरकरी अधिकारियों के इन भुतहा भवनों की चर्चा इस कदर है कि सरकार ने ऐसे हॉंन्टेड हाउसेस की एक पूरी लिस्ट तैयार की। सरकार के जीएडी ने लोगों को न पसंद आने वाले या डराने वाले भवनों की लिस्ट तैयार की जिसमें 200 भवनों का नाम सामने आया।

हिमाचल सरकार के एक कर्मचारी हेमंत चौहान ने बताया कि उन्हें सात महीने पहले एक भवन आवंटित किया गया था लेकिन वह भवन के मनहूस होने के कारण वहां शिफ्ट नहीं हुए। वो अब दूसरे आवास के इंतजार में हैं। शिमला सरकार के जीएडी के पास कुल 1848 अलग-अलग कैटेगरी के आवास हैं। जबकि सरकारी कर्मचारियों को 30000 आवासों की जरूरत है। कर्मचारियों की भारी डिमांड चलते बड़ी संख्या में अभी लोग लाइन में लगे हैं।

जो लोग इन कथित भुतहा घरों में रह चुके हैं, उन्होंने यहां प्रेतआत्माओं के होने और अजीबो गरीब हरकतें होने का दावा किया है। एक कर्मचारी ने बताया कि रात में अचानक अलमारी से उनकी प्लेटें गिर जाती थीं जबकि किचन में देखा तो कोई नहीं था। कभी-कभी रात में किसी औरत के गाना गाने की आवाजें आती थीं। ऐसा दावा करने वाले कर्मचारी ने मीडिया में अपना नाम छापे जाने से इनकार किया है। ऐसे बहुत सारे किस्से यहां बताए और सुने जाते हैं। इस मामले पर सरकार की ओर से अभी तक कोई मुकम्मल या ठोस बयान सामने नहीं आया है। 

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