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केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लिए कांगड़ा हलके में उपलब्ध है कई सौ हेक्टर भूमि, पवन काजल का बड़ा सियासी दाव

- पवन काजल के दावे ने हिलाई प्रदेश सरकार, धर्मशाला में भूमि फाइनल नहीं हुई तो विस चुनावों में बनेगा बड़ा रजनीतिक मुद्दा - कांगड़ा में सीयू निर्माण के लिए जनसमर्थन
केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लिए कांगड़ा हलके में उपलब्ध है कई सौ हेक्टर भूमि, पवन काजल का बड़ा सियासी दाव

- पवन काजल के दावे ने हिलाई प्रदेश सरकार, धर्मशाला में भूमि फाइनल नहीं हुई तो विस चुनावों में बनेगा बड़ा रजनीतिक मुद्दा

- कांगड़ा में सीयू निर्माण के लिए जनसमर्थन बढ़ाने में जुटे पवन काजल, धर्मशाला में भाजपा के साथ कांग्रेस की चुनौती बढ़ी  

कांगड़ा (रितेश ग्रोवर): पिछल्ले एक दशक से लटके केन्द्रीय विश्वविद्यालय पर कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय को कांगड़ा में खोलने की वकालत कर एक बहुत बड़ा सियासी दाव चल दिया है। इस सियासी दाव का तोड़ भाजपा के पास नही है और ऐसे में विधानसभा चुनावों से पहले केन्द्रीय विश्वविद्यालय एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनने जा रहा है। केन्द्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण कहां हो इसके लिए पिछल्ले एक दशक की जमीन का चयन नही हो पा रहा है और जमीन कब तक फाइनल होगी इसके लिए प्रदेश सरकार के पास भी कोई जवाब नही है कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय कब अपनी मूर्त ले पाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लिए धर्मशाला हलके में कई जगह जमीन की तलाश की गई जो कि पूरी नही हो पाई और ऐसे में केन्द्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण पिछल्ले एक दशक से नही हो पाया है। 

केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुछ हिस्से का निर्माण देहरा हलके में किया जा रहा है जिसके लिए जमीन भी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के नाम हो चुकी है और अब बस निर्माण कार्य शुरू होना है परन्तु धर्मशाला में जमीन को लेकर अभी तक तस्वीर साफ नही हो पाई है। कांगड़ा के विधायक पवन काजल धर्मशाला में जमीन ना मिलने पर अब कांगड़ा विधानसभा में केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोलने की मांग को जोर शोर से उठाना शुरू कर दिया जिसके लिए वह अब इस मुहिम में कांगड़ा हलके का जनसमर्थन हासिल करने में जुटे है। 

पवन काजल इस मसले पर जन समर्थन हासिल करने में कामयाब हाते भी दिख रहे है जिससे विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के लिए यह शुभ संकेत नही है। पवन काजल की केन्द्रीय विश्वविद्यालय को लेकर बेशक राजनीति खेल रहे हो कांगड़ा हलके में पवन काजल का यह नया दांव भाजपा के लिए खासी चुनौती पेश कर सकता है और ऐसे में विधानसभा चुनावों से पहले केन्द्रीय विश्वविद्यालय की जमीन पर कोई फैसला नही होता है तो पवन काजल का केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लिए दावा भाजपा के लिए एक बड़ी हार का कारण बन सकती है। ऐसे में पवन काजल ने अब हर मंच से कहना शुरू कर दिया है कि कांगड़ा में केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोलने के लिए जमीन की कोई कमी नही है। पवन काजल ने शहरी क्षेत्र के साथ साथ पलम व चंगर में दो सौ कनाल से अधिक सरकारी जमीन होने का दावा कर केन्द्रीय विश्वविद्यालय को अब राजनीतिक हवा दे दी जो कि प्रदेश सरकार के लिए गले की फांस बन सकती है। 

केन्द्रीय विश्वविद्यालय की जमीन के चयन पर प्रदेश सरकार का चार वर्ष का कार्यकाल में कोई फैसला नही होने से पवन काजल ने कई सौ कनाल भूमि होने का दावा पेश किया है। पवन काजल का कहना है कि धर्मशाला के जदरांगल में जमीन का जियोलॉजिकल सव्रे से साफ हो चुका है कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय के जदरांगल की जमीन ठीक नही है और केन्द्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण कांगड़ा हलके में किया जाये। पवन काजल के अनुसार कांगड़ा के जमानाबाद, नंदेहड़, मटौर, हलेड़कलां सहित चंगर का क्षेत्र ऐसा है जहां कई हजार कनाल समतल भूमि केन्द्रीय विश्वविद्यालय को मिल सकती है। 

उन्होने बताया कि कांगड़ा एयरपोर्ट सहित रेल सुविधा व सड़क सुविधा मौजूद है और अगर सरकार चंगर क्षेत्र में केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोले तो चंगर क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात हो सकती है। पवन काजल के दावे पर पर अभी तक भाजपा ने कोई प्रतिक्रिया जारी नही की है परन्तु इस दावे पर धर्मशाला हलके की कांग्रेस व भाजपा का जहां विरोध होना तय है वही कांगड़ा हलके में भाजपा ना तो विरोध कर सकती है और ना ही समर्थन। पवन काजल का सियासी दाव बेशक उसके लिए फायदेमंद हो सकता है परन्तु दूसरे हलके में कांग्रेस के लिए नुकसानदय साबित हो सकता है जबकि सच्चई यह भी है कि इस मुद्दे पर कांगड़ा हलके में पवन काजल को एक बड़ी राजनीतिक जमीन मिलना तय है।
 

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