लॉकडाऊन के बीच चौंतड़ा विकास खंड में तीन हजार किसानों को बांटे बीज व कृषि उपकरण

मंडी (पुंछी): कोरोना महामारी के कारण किसानों को खेती-बाड़ी के कार्यों में दिक्कत न पेश आए इसके लिए सरकार ने कृषि विभाग के माध्यम से हरसंभव मदद की कोशिश की है। देश भर में लगे लॉकडाऊन के बीच मंडी जिला के चौंतड़ा विकास खंड के अंतर्गत तीन हजार किसानों को बीज के साथ-साथ पौध सुरक्षा सामग्री का भी वितरण किया जा चुका है। इस बारे जब कृषि विकास अधिकारी लडभड़ोल भाग सिंह से बातचीत की तो उन्होने बताया कि चौंतड़ा कृषि विभाग ने लगभग 181 क्विंटल विभिन्न तरह का बीज किसानों को वितरित किया है। जिनमें मक्का 12 क्विंटल, चरी 81 क्विंटल, बाजरा 48 क्विंटल, अदरक 19 क्विंटल, धान 19 क्विंटल, भिंडी 73 किलोग्राम, फ्रॉसबीन 92 किलोग्राम, खीरा व बैंगन आधा-आधा किलोग्राम शामिल है।

इसके अतिरिक्त किसानों को पौधों की सुरक्षा सामग्री का भी वितरण किया गया है जिसमें 120 स्प्रै पंप, 2-2 लीटर फफूंद व कीटाणु नाशक दवा, लगभग 630 किलोग्राम सूक्ष्म पोषक तत्व शामिल है। साथ ही किसानों को 14 चारा काटर, 96 पानी भरने वाली पाइप तथा 120 पानी की टयूब भी उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होने बताया कि ब्लॉक में अब तक लगभाग तीन हजार से अधिक किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होने बताया कि इस दौरान किसानों को खरीफ फसल की बिजाई से पहले बीज को फफूंदनाशक से उपचारित करने की सलाह भी दी गई है। इसके अलावा लोगों को कोरोना महामारी से बचाव रखने के लिए खेतों में काम करते वक्त पर्याप्त सामाजिक दूरी की अनुपालना सुनिश्चित बनाने का भी आहवान किया गया है। साथ ही घर से बाहर कृषि कार्यों में शामिल होने पर मास्क का जरूर इस्तेमाल करें तथा समय-समय पर हाथों को साबुन या हैंड सेनिटाइजर से साफ करते रहें।  

कृषि विकास अधिकारी ने बताया कि चौंतड़ा स्थित विषयवाद विशेषज्ञ कार्यालय के तहत दो चौंतड़ा व लडभड़ोल कृषि विकास अधिकारी के वृत कार्यरत हैं। जिनमें चौंतड़ा एडीओ वृत के तहत चार कृषि प्रसार अधिकारी जबकि लडभड़ोल एडीओ वृत के तहत तीन कृषि प्रसार अधिकारी किसानों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। किसानों की सुविधा के लिए कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालयों के माध्यम से बीज एवं अन्य कृषि उपकरणों का वितरण सुनिश्चित बनाया जा रहा है। इसके अलावा खेती-बाड़ी को लेकर आ रही अन्य समस्याओं को भी प्राथमिकता के आधार पर विभाग के कर्मी हल करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।