Fake News का सच जानने में मदद करने वाला Search Engine लांच, यूजर्स को मिलेगा सटीक परिणाम

हिसार (उत्तम हिन्दू न्यूज): सोशल मीडिया समेत मीडिया में फेक न्यूज का सच जानने में मदद करने वाला एक सर्च इंजन आज यहां लांच किया गया है। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार, के सीएमटी विभाग के डीन व चैयरमेन प्रो. उमेश आर्या निर्मित इस सर्च इंजन का उद्घाटन पिछले सप्ताह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने किया। प्रो. आर्या के अनुसार कोई भी इंटरनेट यूजर डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू टीआईएनवाईयूआरएल डॉट सीएमटीफैक्टचेकिंग पर जाकर किसी खबर के संबंध में सूचना प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने कहा कि आमतौर पर यूजर किसी भी खबर की सत्यता जानने के लिए गूगल या किसी अन्य सर्च इंजन का उपयोग करता है। लेकिन ये सभी फैक्ट चेकिंग सर्च इंजन ना होकर साधारण सर्च इंजन हैं, जहां सही और गलत सूचनाओं में अंतर कर पाना आम लोगों के लिए सम्भव नहीं होता। इस सर्च इंजन से सूचना केवल विश्वसनीय वेबसाइट पर ही खोजी जाती है। जिससे किसी वायरल हो रही सूचना या संदेश की पड़ताल आसानी से सम्भव है और सटीक परिणाम मिलते हैं।

उन्होंने ये भी कहा कि छात्रों और शोधार्थियों में सही सूचना को सही ढंग से सर्च करने का अभाव रहता है। विद्यार्थियों को ‘नेट सर्फिंग स्किल’ विकसित करने में यह सर्च इंजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इंटरनेट पर गुणवत्तापूर्ण सूचना मुफ्त में उपलब्ध है लेकिन उसे कैसे सर्च करना है यह हर एक व्यक्ति को समझ नही आता।

प्रो. उमेश आर्या गूगल पावर सर्च एवं सूचना संग्रहण पर कार्यशाला आयोजित करते रहते हैं और ‘गूगल न्यूज इनिशिएटिव ट्रेनिग इंडिया’ के ट्रेनर रहते हुए भारत में सर्वाधिक फैक्ट चेकिंग ट्रेनिंग आयोजित कर उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। डॉ़ आर्या ने गूगल सर्च इंजन को नई-नई विधाओं में इस्तेमाल करने के विषयों पर पूरे भारत में 2 हजार से ज्यादा व्याख्यान दिए हैं।