एससी-एसटी कानून में छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं : तेजस्वी

पटना (उत्तम हिन्दू न्यूज): बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने आज कहा कि अनुसूचित जाति(एससी)-जनजाति (एसटी) अत्याचार निवारण कानून में किसी भी तरह के छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की गैर मौजूदगी में राजद की उच्चस्तरीय बैठक के बाद सरकारी आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि केंद्रकी नरेंद्र मोदी सरकार शुरू से ही एससी-एसटी कानून के खिलाफ शुरू से ही रही है।

केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार सही मायने में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) मुख्यालय नागपुर का कानून थोपना चाहती है। इस कानून को लेकर केंद्र की मौजूदा सरकार का रुख सकारात्मक नहीं रहा है।प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि एससी-एसटी कानून को लेकर जब मामला उच्चतम न्यायालय में गया था तब अदालत में मजबूती के साथ सरकार की ओर से पक्ष नहीं रखा गया। इस सच्चाई को देश के लोग समझ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष दो अप्रैल को उच्चतम न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ एएसी-एसटी के साथ ही विभिन्न संगठनों के आह्वान पर लोग सड़क पर उतरे और भारत बंद किया गया। इससे आरएसएस और भाजपा पर दबाव बना जिसका अनुमान केंद्र की सरकार को नहीं था।यादव ने कहा कि इस मद्दे को लेकर विपक्षी दलों के बढ़ते दबाव को देखकर आनन-फानन में मोदी सरकार को विवश होकर पुराने कानून के स्थान पर दूसरा कानून बनाने के लिये संसद में विधेयक लाना पड़ा और विधेयक पारित भी हुआ।

उन्होंने कहा कि लोकसभा में कानून तो लाया गया लेकिन बड़ी ही चतुराई के साथ उसे निष्प्रभावी होने दिया गया और सरकार चुपचाप देखती रही । दरअसल केंद्र की भाजपा सरकार आरक्षण को समाप्त करना चाहती है । उन्होंने कहा कि यदि इस मुद्दे को लेकर भाजपा तनिक भी संवेदनशील है तो उसे लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर एससी-एसटी कानून को नौवीं अनुसूचि में शामिल करे ताकि इसमें छेड़छाड़ की तनिक भी गुजांइश नह रहे।

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