अकाली दल ने दोहराई सिद्धू दंपत्ति पर कार्रवाई की मांग

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज) : शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने अमृतसर रेल हादसे को लेकर स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को हटाने और उनकी पत्नी डॉ़ नवजोत कौर सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई की मांग आज दोहराई। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में कांग्रेस सरकार की तरफ से घोषित मजिस्ट्रेटी जांच को ठुकराते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराने की भी मांग की गई।

कोर कमेटी के अनुसार हादसा दशहरे के कार्यक्रम के आयोजकों की लापरवाही का नतीजा था और कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से घोषित जांच को ‘ऑपरेशन कवर अप‘ करार दिया। कोर कमेटी ने मांग की कि पीड़ित परिवारों के बयानों के आधार पर नया मामला दर्ज किया जाये। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी जांच का उद्देश्य वास्तविक दोषियों को क्लीन चिट देकर दोष रेलवे पर मढ़ना है।
 
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार एक कांग्रेसी पार्षद और श्रीमती सिद्धू के खिलाफ गवाही देने के लिए मौजूद हैं। दोनों के खिलाफ प्रमाण सार्वजनिक मंचों पर भी उपलब्ध हैं। 
कोर कमेटी ने एक प्रस्ताव पारित कर मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। इसी प्रस्ताव में उन बच्चों, जिनके अभिभावकों की दुर्घटना में मौत हो गई है, को गोद लेने की भी मांग की गई। 
बैठक में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल, शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल, जत्थेदार तोता सिंह, बलविंदर सिंह भुंडर आदि भी थे।

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