किसान आंदोलन को मजबूत करने को महापंचायतों का दौर जारी : चढूनी

शाहाबाद/स्वामी : भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम ङ्क्षसह चढूनी ने कहा कि किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए देशभर में महापंचायतों का दौर जारी है और किसानों को ज्यादा से ज्यादा सं या में आंदोलन में भाग लेने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि 23 फरवरी को सभी बॉर्डर सहित देशभर में पगड़ी संभाल दिवस मनाया जाएगा। किसानों के आत्मस मान में मनाए जाने वाले इस दिन पर देशभर के महिला व पुरूष प्रदर्शनकारी किसी भी रंग की पगड़ी पहन कर इस दिन को मनाएंगे। वह बीती देर रात शाहाबाद जी.टी.रोड स्थित मनमोहन सर्विस स्टेशन पर शाहाबाद ब्लॉक के भाकियू पदाधिकारियों से बातचीत कर रहे थे। शाहाबाद पहुंचने पर शाहाबाद ब्लॉक के प्रधान हरकेश खानपुर, कार्यकारी ब्लॉक प्रधान जसबीर सिंह मामूमाजरा, शहरी ब्लॉक प्रधान पवन बैंस, युवा ब्लॉक प्रधान पंकज हबाना, कोर कमेटी सदस्य बलविंद्र सिंह दामली, बलविंद्र ङ्क्षसह नलवी, छोटू राम,हाकम रतनगढ, शहरी युवा प्रधान राजन तनेजा, मनिंद्र ङ्क्षसह बैंस सहित अनेक किसानों व कार्यकर्ताओं ने शाहाबाद पहुंचने पर भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम ङ्क्षसह चढूनी को सिरोपा देकर स मानित किया। जसबीर सिंह मामूमाजरा ने कहा कि भाकियू प्रदेशाध्यक्ष दिन रात किसानों की लड़ाई लड़ रहे हैं इसलिए किसानों को भी बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए। चढूनी ने भाकियू पदाधिकारियों से बातचीत की और गांव गांव जाकर किसानों को आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित करने के लिए टिप्स दिए। चढूनी ने कहा कि वह शनिवार को चंडीगढ़ में थे जहां विशाल सभा आयोजित की गई। जिसमें चंडीगढ़ शहर के लोगों का भारी समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि इन जनसभाओं में किसानों के अलावा अन्य लोगों ने भी आने वाले दिनों में दिल्ली बार्डर पर आने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार झूठे केस बनाकर किसानों को डराना चाहती है। किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि मंदसौर गोलीकांड के बावजूद किसानों का हौसला नहीं टूटा था। इसी तरह यह आंदोलन भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के आत्मस मान को चोट पहुंचाने वाले हरियाणा के कृषि मंत्री जे.पी.दलाल का अलग अलग जगहों पर भारी विरोध किया जा रहा है। 23 फरवरी को पगड़ी संभाल दिवस पर जे.पी.दलाल के अमानवीय बयानों के चलते उनके खिलाफ भिवानी में एक विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार गलत फार्मूला जोड़कर कम एम.एस.पी. देती है। दूसरी तरफ दिनो दिन बढ़ती तेल की कीमतें भी इनपुट लागत बढ़ा रही हैं। किसानों के साथ साथ देशभर के आम नागरिकों को भी पैट्रोल, डीजल व गैस की बढ़ती कीमतों से भारी नुकसान हो रहा है। बढ़ती कीमतों के खिलाफ देशभर में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।