गुरुद्वारे से लंगर खाकर प्रैक्टिस करने जाते थे ऋषभ पंत, मां करती थी सेवा

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): विश्वकप 2019 में भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन चोट की वजह से तीन सप्ताह के लिए टीम से बाहर हो गए है और युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत उनके विकल्प के तौर इंग्लैंड जाएंगे। ऋषभ पंत अपना पहला विश्वकप खेलने के लिए इंग्लैंड जा रहे है। 20 वर्षीय ऋषभ पंत का यहां तक का सफर इतना आसान नहीं था। पंत की असली प्रतिभा बांग्लादेश में आयोजित अंडर-19 विश्व कप के दौरान देखने को मिली थी, उस टूर्नामेंट में उन्होंने अपने खेल से सबको प्रभावित किया था। पंत ने अंडर-19 वर्ल्‍डकप में 44.50 की औसत से 267 रन बनाए थे। 

करियर के शुरुआती दौर में पंत जब अपनी किस्मत आजमाने रुड़की से दिल्ली आए तो यहां न वे किसी को जानते थे और न ही रहने का ठिकाना था। तो उस समय पंत को दिल्ली के मोतीबाग के गुरुद्वारे में रहने का ठिकाना मिला। ऋषभ पंत गुरुद्वारे में रहते थे और यहीं से लंगर खाकर प्रैक्टिस के लिए जाते थे। पंत की मां गुरुद्वारे में सेवा करतीं और पंत क्रिकेट में रम गए। पंत अपनी मां के साथ कई महीनों तक गुरुद्वारे में रहे और फिर धीरे-धीरे अपनी मेहनत के बल पर नए मुकाम हासिल करते गए और फिर किराये पर कमरा ले लिया। 

2016 में आईपीएल में दिल्ली की टीम ने 10 लाख की बेस प्राइज वाले ऋषभ पंत को 1.9 करोड़ रुपये खर्च कर अपनी टीम का हिस्सा बनाया। उस वक्‍त पंत की उम्र महज 18 साल थी। हालांकि दो साल बाद 2018 में उन्‍हें मोटी रकम मिली। दिल्‍ली ने मौजूदा सीजन में पंत को 15 करोड़ रुपये में रिटेन किया है। ऋषभ पंत ने भारत के 2018-19 के ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए टीम की जीत में अहम योगदान दिया। पंत ने 4 मैचों की 7 पारियों में 350 रन बनाए और इसमें उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 159 रन था।