Sunday, May 19, 2019 11:59 AM

नारायण गांव में मिला चावल व्यापारी की महिला मित्र का शव

पानीपत (कौशिक) -  देश के तीसरे नंबर के चावल निर्यातक रोहित गर्ग का करीब 59 घंटे बाद शनिवार को सोनीपत के सटावली गांव के पास दिल्ली पैरलल नहर में शव मिल गया। वहीं रविवार सुबह 11 बजे पानीपत के नारायणा गांव के पास नहर से रोहित की महिला मित्र साक्षी का  शव मिला। शव मिलते ही मॉडल टाउन स्थित गर्ग परिवार की कोठी नंबर-678 में मातम छा गया। अनैतिक रिश्तों के चक्कर में दो संपन्न परिवार तबाह हो गए। रोहित और साक्षी दोनों के परिजन आहत हैं। इनकी मौत उन्हें ताउम्र कचोटती रहेगी।  रोहित गर्ग और साक्षी असंध नाका चौकी के पास श्मशान भूमि से 30 मीटर दूर नहर में कूदे थे। विडंबना है कि शनिवार शाम को रोहित का उसी श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार हुआ। बड़े बेटे वेदांत ने पिता के शव को मुखाग्नि दी। 

गोताखोर चले गए ,विवेक दोस्तों संग पत्नी की तलाश में जुटे थे
बताया जा रहा है कि रोहित गर्ग का शव मिलने के बाद गोताखोर नहर से निकल आए थे। उन्होंने साक्षी की तलाश नहीं की। शनिवार दोपहर दो बजे के बाद साक्षी के पति विवेक अपने साथियों के साथ नहर पर पहुंचे। उन्होंने गोताखोरों से साक्षी को तलाशने की गुहार लगाई। स्थानीय गोताखोरों के सहयोग से साक्षी की तलाश की गई। रविवार सुबह 11 बजे पानीपत समालखा के नारायणा गांव के पास दिल्ली पैरलल नहर से साक्षी का शव मिला।   कोठी के अंदर रोहित का शव देख परिजन विलाप करने लगे। पत्नी ममता को रोहित का मुंह नहीं दिखाया गया। वे विलाप करते हुए बार-बार परिजनों से आग्रह करती रहीं कि उन्हें पति का मुंह दिखाया जाए। 

छोटे, पापा को अंतिम बार देख लो, फिर लौट कर नहीं आएंगे
रोहित के बड़े बेटे वेदांत ने रोते हुए छोटे भाई आभास से कहा कि छोटे आओ और पापा को अंतिम बार देख लो। अब पापा लौटकर नहीं आएंगे। दोनों भाइयों ने पापा के चेहरे को देखा और लिपटकर रोने लगे। लोगों ने दोनों को सांत्वना देते हुए हौसला बंधाया। इधर, मॉडल टाउन  स्थित साक्षी बासिल की कोठी में सन्नाटा पसरा रहा। कोठी में साक्षी के बच्चे और बुजुर्ग महिला थीं। साक्षी का एक बेटा व एक बेटी है। उन्होंने मीडिया से दूरी बना रखी थी। बता दें कि साक्षी भी रोहित गर्ग के साथ नहर में कूदी थीं। एक तरफ जहां साक्षी की कोठी पर सन्नाटा पसरा है वहीं रोहित की कोठी पर संवेदना जताने शहर के नामचीन लोगों का तांता लगा रहा। कोठी और असंध रोड स्थित श्मशाम भूमि के बाहर नहर पर वाहनों की कतार लगी रही। इससे जाम भी लग गया। रोहित के अंतिम संस्कार में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, विधायक महीपाल ढांडा, भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रमोद विज, पूर्व विधानसभा स्पीकर सतबीर कादियान, कांग्रेस नेता वीरेंद्र उर्फ बुल्लेशाह, गोशाला सोसाइटी के प्रधान रामनिवास गुप्ता पहुंचे।

दो घंटे जिम में बिताते थे रोहित
जिले के सबसे बड़े मॉडल टाउन स्थित गोल्ड जिम की रोहित गर्ग ने दो साल की सदस्यता ले रखी थी। वे हर रोज सुबह आठ से नौ बजे तक जिम में अभ्यास करते थे। इसके लिए उन्होंने पर्सनल ट्रेनर भी रखा हुआ था। रोहित की मौत के बाद शोक में जिम की शनिवार व रविवार की छुट्टी कर दी गई है।  
 

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