कश्मीर में प्रतिबंध में ढील, व्यापार, अन्य गतिविधियों प्रभावित

श्रीनगर (उत्तम हिन्दू न्यूज): कश्मीर घाटी में दो दिनों से जारी प्रतिबंध से गुरुवार को थोड़ी ढील दी गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को प्रदेश से अनुच्छेद 370 को समाप्त करने की पहली वर्षगांठ को जोर शाेर से मनाया जबकि विपक्ष ने इसे ‘काला दिवस के रूप में मनाया और इसे असंवैधानिक करार दिया। घाटी में कुछ मार्ग अभी भी बंद हैं और वहां अवरोधक लगाए गये हैं लेकिन निजी वाहनों में दुपहिया वाहनों के अलावा सड़कों पर तिपहिया वाहनों की आवाजाही को देखा गया।

एक रिपोर्ट में बताया गया है कि विश्व प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग सहित विभिन्न पर्यटक स्थलों की ओर जाने वाली सड़कों को लोगों के लिए बंद कर दिया गया। प्रतिबंध के बावजूद ईद-उल-अजहा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पर्यटक स्थलों की यात्रा पर गये थे। श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने सोमवार को जारी अपने आदेश में कहा था कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्रीनगर को कई महत्वपूर्ण सूचना मिली थीं जिनमें कहा गया था कि अलगाववादी और पाकिस्तान प्रायोजित समूह पांच अगस्त को काला दिवस के रूप में मनाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने हालांकि प्रतिबंध के दौरान इसके उल्लंघन की कार्रवाई की आशंका या विरोध प्रदर्शन से इन्कार नहीं किया है। उन्हें खतरनाक हिंसक विरोध प्रदर्शन के बारे में विशेष जानकारी मिली हैं। इसलिए चार और पांच अगस्त को पूरे जिले में कर्फ्यू लगाये जाने के आदेश दिए गए।

चार अगस्त को हालांकि जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जिले में 48 घंटे के लिए सोमवार देर रात से कर्फ्यू सहित कई प्रतिबंध हटाने का आदेश दिये हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान परिवहन और वाणिज्यिक तथा अन्य प्रतिष्ठानों सहित सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। लॉकडाउन पहले से ही अधिसूचित नियंत्रण क्षेत्रों में जारी रहेगा। डीएम ने अपने आदेश में कहा कि कोरोना वायरस (काेविड-19) को फैलने से रोकने के लिए लोगों का सार्वजनिक समारोह से बचना बहुत महत्वपूर्ण है और सरकार ने लोगों के लिए जो दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल जारी किए हैं, उनका पालन किया जाए। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन के मद्देनजर ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर सहित घाटी में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सड़कों से वाहन नदारद रहे।