कोलकाता में पुल ढहने के बाद बचाव कार्य अभी भी जारी

कोलकाता (उत्तम हिन्दू न्यूज): दक्षिण कोलकाता में मंगलवार को 40 साल पुराने पुल का एक हिस्सा ढहने के बाद बुधवार को बचाव कार्य जारी है। माझेरहाट पुल का तारातला और मोमिनपुर के बीच का हिस्सा मंगलवार साम 4.30 बजे के आसपास ढह गया था। इस घटना में अब तक एक शख्स की मौत हो चुकी है, जबकि 19 अन्य घायल हो गए। 

बचाव टीम के एक सदस्य ने बुधवार को कहा, हमारी टीम अभी भी बचाव का काम कर रही है। रातभर और आज सुबह, हमने कंक्रीट स्लैब डेक में खोदकर होल कर खोदने की कोशिश की ताकि यह पता लग सके कि कोई अभी भी नीचे फंसा है या नहीं। उन्होंने कहा, मलबे के नीचे क्या है, यह जानने के लिए कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मलबे को हटाने में ज्यादा समय लगेगा। 

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की चार टीमें, अग्निशामक दल और आपदा प्रबंधन टीम के कर्मचारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। बचाव अभियान के लिए क्रेन तैयात किए गए हैं और गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस जगह पर सेना की तीनों टुकड़ियों के कर्मी भी मौजूद हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घटना की जांच शुरू की है। फोरेंसिक टीम के एक सदस्य ने कहा, "जांच चल रही है। फिलहाल हम दुर्घटना के पीछे संभावित कारणों के बारे में किसी भी निष्कर्ष पर नहीं आ सकते हैं। पैदल यात्री और बसों व कारों में सवार लोगों को जो ढहे हुए मलबे के ऊपर थे, उन्हें बचाया गया। कोलकाता परिवहन नियंत्रण के एक अधिकारी ने कहा कि पुल शहर के मध्य और दक्षिणपश्चिम हिस्से के बीच मुख्य संपर्क आधार था। पुल के आंशिक रूप से ढहने के कारण परिवहन मार्ग में बदलाव करना पड़ा। 

दुर्घटना के समय दार्जिलिंग में मौजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, पुल के नीचे अस्थाई टिन शेड में चार-पांच मजदूर रहते थे। अगर वे पुल ढहने के दौरान वहां थे, तो फिर उन लोगों के साथ कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना होने की आशंका है। माल् गाड़ियों को सुबह छह बजे से लेकर रात 11 बजे तक शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। राज्य सरकार इस दुर्घटना में मरे सौमेन बाग के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा देगी।

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