तेलंगाना में चुनाव करवाने का फैसला जमीनी हकीकत जानने के बाद  : रावत

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कहा कि चार राज्यों के साथ तेलंगाना में चुनाव कराने के बारे में फैसला जमीनी हकीकत का अध्ययन किये जाने के बाद ही लिया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने एक टेलीविजन चैनल को दिए गए साक्षात्कार में कहा कि संवैधानिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर ही तेलंगाना का चुनाव अन्य राज्यों के साथ करने का निर्णय लिया जायेगा। वह पहले देखेंगे कि चुनाव कराने के लिए क्या तैयारियां हुई हैं। उधर, सूत्रों का कहना है कि तेलंगाना के कार्यवाहक मुख्यमंत्री केसीआर ने लोकसभा से पहले चुनाव कराने का फैसला किया, जिससे राज्य के चुनाव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाई-वोल्टेज प्रचार का असर न हो। 

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अगर चुनाव पहले कराए जाते हैं तो लोग कहेंगे कि मैच फिक्स किया हुआ है और अगर देर से चुनाव कराए जाते हैं तो राजनीतिक दल उसका विरोध करेंगे और कहा जाएगा कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री को लोक लुभावन फैसले लेने के लिए अधिक समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव कराने के बारे में समय निर्धारित करने का अधिकार किसी नेता को नहीं है बल्कि यह काम चुनाव आयोग का है। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि तेलंगाना के चुनाव छह माह के भीतर जल्द से जल्द कराए जाएं। अदालत के इस फैसले से अटकलें लगाई जा रही हैं कि चार राज्यों की विधानसभा के चुनावों के साथ ही तेलंगाना में चुनाव का भी फैसला लिया जाए।

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