राजस्थान : SC/ST एक्ट के खिलाफ भाजपा के 233 पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा

जयपुर (उत्तम हिन्दू न्यूज) : राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार को एससी एसटी एक्ट के विरोध में आयोजित सर्व समाज संघर्ष समिति की जनसभा में एक साथ ढाई सौ से अधिक पार्टी पदाधिकारियों के इस्तीफा दे दिया। इस बात को लेकर दोनों दलों के नेताओं में चिंता व्याप्त है। नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने बताया कि इस बात को लेकर पार्टी में जबरस्त बहस छिड़ी हुई है। हालांकि इस मामले को लेकर पार्टी का क्या रुख होगा इस बारे में भाजपा के उक्त नेता ने कोई जानकारी नहीं दी। 

जनसभा में एकराय होकर लोगों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। इस बैठक में बड़ी संख्या में भाजपा के नेता शामिल हुए। यही नहीं कई नेताओं ने खुले मंच से इस एक्ट का विरोध किया और पार्टी से अपना नाता तोड़ लेने का ऐलान किया। साथ ही यह निर्णय भी लिया गया है कि कोई भी नेता इलाके में आया तो उसे काले झंडे दिखाए जाएंगे और घरों पर भी काले झंडे लगाए जाएंगे। 

एससी एसटी एक्ट के विरोध में सर्व समाज संघर्ष समिति की यह जनसभा आगरा रोड पर मॉडल टाउन स्थित राजमहल गार्डन में आयोजित हुई। इसमें सर्वसम्मति से तय किया गया कि यदि एक्ट में संशोधन नहीं हुआ तो वे आगामी चुनाव का बहिष्कार करेंगे। हजारों लोगों की मौजूदगी में सभा के मंच पर बीजेपी और कांग्रेस के 250 से अधिक पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे लिखे। सोमवार को इन इस्तीफों को बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के कार्यालयों में भेज दिया गया। 

जनसभा में समता आंदोलन के संयोजक नारायण पाराशर, मुस्लिम समाज के नेता अब्दुल हमीद, गुर्जर आंदोलन के नेता रामकिशन गुर्जर, श्री करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेडी, जाट समाज की ओर से डॉ. राजसिंह पप्पू चौधरी और बिजेन्द्र चौधरी आदि मौजूद रहे। इस सभा में जयपुर संभाग के बगरू और आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के 233 बीजेपी पदाधिकारियों और 40 कांग्रेस पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे लिखकर दिए। 
 

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