+

बारिश ने हिमाचल में मचाई तबाही: सार्वजनिक और निजी संपत्ति को 4600 करोड़ रुपए का नुकसान

शिमला (पी.सी. लोहमी)- हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ तथा हिन्दुस्तान-तिब्बत राष्ट्रीय राजमार्ग सहित चार अन्य राष्
बारिश ने हिमाचल में मचाई तबाही: सार्वजनिक और निजी संपत्ति को 4600 करोड़ रुपए का नुकसान

शिमला (पी.सी. लोहमी)- हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ तथा हिन्दुस्तान-तिब्बत राष्ट्रीय राजमार्ग सहित चार अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गए हैं। पिछले चौबीस घंटों के दौरान भारी बारिश से नाले उफान पर हैं। जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं और कई सडक़े बंद है। प्रदेश में आज भी कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर व सिरमौर में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। जबकि अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अब तक बारिश से संबंधित दुर्घटना में लगभग 200 लोगों की मौत हो गई है और सार्वजनिक और निजी संपत्ति को 4600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।


बारिश के कारण प्रदेश में भूस्खलन के कारण हिन्दुस्तान-तिब्बत राष्ट्रीय राजमार्ग सहित चार अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग अवरूद्ध हो गए है। इसके इलावा प्रदेश में कई संपर्क मार्ग बद हो गए है। कई स्थानों पर विद्युत आपूर्ति ठप्प हो गई है। मनाली-लेह मार्ग कई स्थानों पर बंद है। वहीं कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हणोगी के पास भूस्खलन से मार्ग बंद रहा। वहीं, कांढ़ी-कटौला मार्ग भी मलबा आने के कारण बाधित है। प्रशासन मार्ग को बहाल करने में जुटा है। बारिश के कारण हणोगी माता मंदिर के पास पहाड़ से भारी मलबा और लगातार पत्थर गिरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी, जिसे पांच घंटे बाद बहाल किया गया। बजौरा के पास ही वाहन चालकों को आगे न जाने को कहा गया था। इस कारण बसों सहित मालवाहक वाहन और पर्यटक भी फंसे रहे।

कुल्लू हिमाचल प्रदेश में आई बाढ़


कुल्लू जिला को रोजमर्रा की जरूरतों दूध, दहीं, ब्रेड आदि के सामान की सप्लाई बाधित रही। वहीं कांढ़ी-कटौला मार्ग के बंद होने से यहां भी कई गाडिय़ां घंटों फंसी रहीं। कीरतपुर-मनाली एनएच के बंद होने पर इसी मार्ग को वैकल्पिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। वहीं मंडी शहर के विक्टोरिया पुल के साथ भी पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही को रोका गया थाा। डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग ने बताया कि मार्गों को बहाल करने का काम जारी है। पांच घंटे बाद हणोगी में मार्ग बहाल कर दिया है।

शिमला में बारिश से पंथाघाटी में भूस्खलन की चपेट में एक कार आ गई जो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सुबह आए इस लैंड स्लाइड को हटा कर सडक़ को आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। मुख्यमंत्री आवास से कुछ दूरी पर पेड़ गिर गया। जहां सडक़ मार्ग अवरुद्ध हो गया है। उधर गुम्मा खड्ड में बाढ़ के हालात बन गए गाडिय़ां पानी मे तैरती नजर आई व एक पुल भी पानी के तेज बहाब में बह गया है।


लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ब्यास नदी में पानी की आवक 30000 क्यूसिक तक पहुंच गई है। ऐसे में बीबीएमबी प्रबंधन ने पंडोह बांध से 22000 क्यूसिक पानी छोड़ दिया गया है। मंडी प्रशासन ने लोगों से ब्यास नदी किनारे न जाने का आग्रह किया है। साथ ही अन्य जिलों को भी अलर्ट कर दिया गया है। ब्यास नदी कांगड़ा व हमीरपुर के कुछ भाग से होकर बहती है व पौंग डैम में मिल जाती है। ऐसे में दोनों जिलों के लोगों को अलर्ट किया गया है।
 

शेयर करें
facebook twitter