बारिश ने फिर बढ़ाई मुसीबत, ठियोग-हाटकोटी सड़क बंद

शिमला (ऊषा शर्मा): मानसूनी बरसात सितंबर के महीने में भी प्रदेश का पीछा नहीं छोड़ रही है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में रविवार दिन भर रूक-रूक कर बारिश का दौर जारी है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की गई है। शिमला जिले के उपरी क्षेत्रों में जोरदार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कोटखाई के पास पट्टीढांक में भूस्खलन के कारण ठियोग-हाटकोटी सड़क एक बार फिर अवरूद्व हो गई है। ऐसे में इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद है। जिसका असर सेब सीजन के दौरान इस सड़क से होकर जाने वाले ट्रकों पर पड़ा है। 

सेब से लदे ट्रकों को अब वाया नारकंडा होकर भेजा जा रहा है, जिससे इस सड़क पर वाहनों का दवाब अत्यधिक दवाब बढऩे से लंबा जाम लग रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के चलते रविवार को पट्टीढांक में रोहड़ू-शिमला सड़क पर मलबा आने से यह मार्ग पूरी तरह से अवरूद्व हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के दौरान कोई वाहन भूस्खलन की चपेट में नहीं आया। प्रशासन ने सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही वहां से लोगों को दूर रहने की हिदायत दी है। 

इस बीच पुलिस प्रशासन ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि लोगों व खास तौर पर सेब लेकर आ रहे बागवानों को परेशानी न उसके लिए वैकल्पिक ट्रैफिक व्यवस्था की गई है। जब तक सड़क से मलबा नहीं हटा लिया जाता, तब तक छोटे वाहन टाहू और बड़े वाहन नारकंडा से होते हुए शिमला जा रहे हैं। पिछले दिनों भी पट्टीढांक में भारी भूस्खलन से यह मार्ग करीब 4 से 5 दिन अवरूद्व रहा था। लोकनिर्माण विभाग के मुताबिक प्रदेश में भूस्खलन के कारण दो दर्जन से अधिक सड़कें अवरूद्व हैं।

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