रघुराम राजन की RBI को चेतावनी, अगर Loan Moratorium बंद नहीं हुआ तो बढ़ जाएगा फाइनेंशियल क्राइसिस का खतरा

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने आरबीआई को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि बैंकों को मोरटोरियम की सुविधा तुरंत खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने आंध्र प्रदेश के माइक्रोफाइनेंस की याद दिलाते हुए कहा कि अगर बैंक यह सुविधा नहीं बंद करते हैं तो कुछ दिनों में फिर उसी तरह का संकट पैदा हो सकता है। रघुराम राजन ने कहा कि एकबार अगर आप लोगों को यह कहते हैं कि EMI चुकाने की जरूरत नहीं है तो उनमें दोबारा पेमेंट हैबिट शुरू करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि वो बचत नहीं करते हैं। उनके पास आगे पेमेंट करने के लिए कोई फंड नहीं होता है। 

इससे पहले HDFC के चेयरमैन दीपक पारेख ने भी कहा था कि RBI को मोरटोरियम और बढ़ाने का फैसला नहीं करना चाहिए। पारेख का RBI से निवेदन किया था कि वह मोरटोरियम की सुविधा को और ना बढ़ाए। फिलहाल 31 अगस्त तक मोरटोरियम लागू है।

RBI board to meet on 14 August over dividend

22 मई को RBI ने और तीन महीनों के लिए मोरटोरियम की सुविधा बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया था। इस हिसाब से अब तक मोरोटोरियम के 6 महीने हो चुके हैं। कोरोनावायरस संक्रमण और लॉकडाउन के बीच लोगों को कैश की दिक्कत ना हो इसलिए सरकार ने मोरटोरियम की सुविधा शुरू की थी।

मोरटोरियम की वजह से बैंकों का NPA बढ़ने की चिंता पर रघुराम राजन ने कहा  कि कई बार आप अपने लोन और लॉस राइट डाउन (बैलेंस शीट से हटाकर) करके ज्यादा रिकवरी दिखा सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा,  "प्राइवेट सेक्टर बैंक के मुकाबले सरकारी बैंकों के लिए यह ज्यादा मुश्किल बन सकती है क्योंकि उन्हें लोन राइट डाउन करने से पहले कई इनक्वायरी से गुजरना पड़ता है।" 

इस आर्थिक सुस्ती और कोरोनावायरस संक्रमण के दौर में RBI की तारीफ करते हुए रघुराम राजन ने कहा, RBI की क्रेडिबिलिटी की वजह से रुपया नहीं गिरा है। आज RBI अपनी मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू जारी करने वाला है। रघुराम राजन का मानना है कि RBI इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और महंगाई से निपटने की कोशिश करेगा।