कटघरे में पंजाब पुलिस

12:48 PM Jun 29, 2019 |

पंजाब की सबसे बड़ी लुधियाना की सैंट्रल जेल में एक कैदी की मौत के बाद वहां भड़के कैदियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर बरसाए, जेल में आग लगा दी और जेल सुपरिंटेंडेंट की गाड़ी भी फूंक डाली। कैदियों को काबू करने के लिए पुलिस ने करीब 50 राउंड फायर किए जिसमें एक कैदी की मौत हो गई। बवाल के दौरान कई पुलिसकर्मियों समेत 35 लोग जख्मी हो गए। सूत्रों के अनुसार नशा तस्करी के आरोप में जेल में बंद हवालाती सनी सूद से जेल प्रशासन ने बुधवार को मोबाइल फोन बरामद किया था। आरोप है कि जेल मुलाजिमों ने उससे पैसों की मांग की लेकिन सनी ने मना कर दिया। इसके बाद सनी के साथ मारपीट की गई और उसे चक्की में बंद कर दिया गया। रात को सनी ने गालियां दी तो मुलाजिमों ने उसे फिर पीटा। इससे सनी की हालत खराब हो गई। साथी कैदी के साथ ऐसा बर्ताव देख कैदी रोष में आ गए। इसके बाद मुलाजिमों ने सनी को जेल अस्पताल पहुंचाया। वहां से उसे सिविल और फिर पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां वीरवार सुबह उसकी मौत हो गई। सनी की मौत की खबर जैसे ही जेल में बंद उसके साथियों तक पहुंची तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। कैदियों ने आरोप लगाए कि जेल मुलाजिमों द्वारा की गई पिटाई से सनी की मौत हुई है। सुबह 11 बजे सभी कैदी इकट्ठे हो गए।

लाजिमों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो कैदियों ने उनपर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। जेल मुलाजिमों ने तुरंत जिला पुलिस को सूचना दी लेकिन मामला हाथ से निकलते देख मुलाजिमों ने गोलियां चला दीं जिससे टिब्बा रोड के रहने वाले अजीत सिंह उर्फ भोला (25) की मौत हो गई। उसके बाद माहौल बिगड़ गया। कैदियों ने जेल को अपने कब्जे में ले लिया। वह ड्योढ़ी तक पहुंच गए और अधिकारियों के दफ्तरों पर कब्जा कर लिया। कैदियों ने वहां तोडफ़ोड़ की और अंदर बने कंट्रोल रूम को आग लगा दी। आग लगाने के बाद सभी कैदी दोबारा जेल के अंदर गए। इसी दौरान जिला पुलिस भी अंदर दाखिल हो गई। जिला पुलिस को देख कैदियों ने लंगर हाल से सिलेंडर उठाकर बाहर लाने शुरू कर दिए और उन्हें आग लगाकर पुलिस की तरफ फेंकना शुरू कर दिया। कैदियों ने 12 से ज्यादा सिलैंडरों को आग लगाकर ब्लास्ट कर दिया। इसके बाद अंदर खड़ी सुपरिंटेंडेंट की गाड़ी को आग लगा दी।

लुधियाना जेल में जो कुछ हुआ वह पहली बार नहीं हुआ। अतीत में झांकें तो ऐसे कांड पंजाब की अन्य जेेलों में भी हुए। अधिकारियों और सरकार का प्रयास तो कैदियों को ही कटघरे में खड़ा करने का होगा लेकिन कटु सत्य यह है कि पंजाब की जेल व्यवस्था ही लडख़ड़ा चुकी है। लुधियाना जेल कांड की मूवी जिस तरह वायरल हो रही है वही पंजाब की जेलों की स्थिति को दर्शाने के लिए काफी है। पंजाब की जेलों में कैदियों को मोबाइल से लेकर नशा तथा अन्य सुविधाएं देने के लिए धन राशि ली जाती है। जेलों में कैदियों के गैंग बने हुए हैं, जिस गैंग को जेल प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है उसी की दादागिरी चलती है और वही धन एकत्रित कर आगे पहुंचाता है। अधिकारियों की मिलीभगत के साथ मोबाइल के माध्यम से गैंग जेल में बैठे ही अपनी बाहर की गतिविधियों को अंजाम देते हैं।

जेल प्रशासन ही अगर कैदियों के साथ मिल जाए और अपराधियों से धन एकत्रित करना शुरू कर दे तो ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था का ध्वस्त होना लाजिमी है। लुधियाना सेंट्रल जेल में भी पूरी व्यवस्था ही लडख़ड़ा गई है। इसके लिए कैदियों से अधिक वह पुलिस कर्मचारी और अधिकारी जिम्मेवार हैं जो धन के लालच में कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार भी करते हैं और आवश्यकता से अधिक सुख-सुविधा भी देते हैं। ऐसे में जब कहीं भी प्रशासनिक सीमा रेखा टूटती है या संबंधों का संतुलन टूटता है तो लुधियाना सैंट्रल जेल में जो हादसा हुआ ऐसा ही कुछ देखने को मिलता है।

लुधियाना सेंट्रल जेल कांड की छानबीन के आदेश सरकार ने दे दिए हैं। तत्काल रूप से मामला शांत भी हो जाएगा लेकिन सरकार व पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों को सारे घटनाक्रम से स्पष्ट हो जाना चाहिए कि कैदियों ने जो किया वह पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा किए की प्रतिक्रिया मात्र ही थी। लुधियाना जेल कर्मचारी और अधिकारियों की लापरवाही और अमानवीय व्यवहार तथा जेल में फैले भ्रष्टाचार के कारण आज पुलिस ही कटघरे में खड़ी दिखाई दे रही है। सरकार तथा उच्च पुलिस अधिकारियों को आत्मचिंतन कर व्यवस्था को सुधारने हेतु ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, क्योंकि कई पुलिस कर्मचारी नशा बेचने के आरोप में पकड़े गए हैं और कुछ जेलों में नशा करने की इ•ााजत दे रहे हैं। ऐसी स्थिति अति चिंता का विषय ही है।

-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।