पंजाब सरकार प्रवासियों को संरक्षण देने में नाकाम, कैप्टन फैक्ट्रियां खुलवाकर कर रहे लोगों के जीवन से खिलवाड़: जीवन गुप्ता

03:43 PM Mar 31, 2020 |

लुधियाना (प्रतीक जैन): विश्वव्यापी कोरोना महामारी पूरे विश्व को अपनी चपेट में लेती जा रही हैं। भारत में भी कोरोना महामारी से देश की जनता को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर सफलतम कदम उठा रही हैं। पंजाब में भी सरकार के सख्त निर्देशों से इस महामारी को नियंत्रण में रखने में सफलता मिली है और पंजाब प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा द्वारा भी पंजाब सरकार को इस आपदा में सहयोग देने कि घोषणा कि गई हैं। लेकिन कल पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पंजाब की फैक्ट्रियों में काम को करने का बयान जारी करके सारे पंजाबवासियों को चिंता में डाल दिया हैं। उपरोक्त शब्द प्रदेश भाजपा महामंत्री जीवन गुप्ता ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के कारोबार शुरू करने के फैंसले की तीव्र निंदा करते हुए कहे। 

गुप्ता ने कहा की कैप्टन पंजाब की फैक्टरीयों में काम करने वाले श्रमिकों की जिम्मेदारी को संभालने में विफल होने के कारण ऐसे जोखिम भरे कदम उठा रहे हैं। कैप्टन का यह फैसला जहां पुरे पंजाब के लिए घातक सिद्ध हो सकता हैं वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की जनता को बचाने के लिए किए गए लॉकडाउन की उल्लंघना होगी। गुप्ता ने कहा कि इस भयानक बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं आया है, सिर्फ एक व्यक्ति को दूसरे से दूरी बनाए रखना ही इस बीमारी कि रोकथाम का एकमात्र उपाए है। गुप्ता ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से सवाल पूछते हुए कहा कि क्या फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर पाएंगे। दूसरी ओर कारखानों को चलाने के लिए उद्योगियों को लॉकडाउन के चलते कच्चा माल कहां से मिलेगा और यातायात संसाधनों पर रोक के चलते माल कि निकासी कहां हो पाएगी।
 
गुप्ता ने कहा कि कैप्टन प्रवासी मजदूरों को सरक्षण देने में असफल हो चुके हैं और अपनी नाकामियों से बचने के लिए ऐसे फैंसले ले रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि कहीं कैप्टन का यह फैसला पंजाबवासियों के लिए भयानक रूप ना धारण कर ले, इसलिए पंजाब सरकार को इस फैसले पर पुन: विचार करके इसे वापिस लेना चाहिए। 

गुप्ता ने कहा कि पंजाब में इस वैश्विक महामारी से बचने के लिए भारत सरकार द्वारा पूर्ण लॉकडाउन का पालन करना पड़ रहा है। सभी व्यवसाय बंद होने के चलते पंजाबवासियों को आर्थिक कठनाईयों का सामना करना पड़ रहा हैं। लोगो को जहाँ घर चलाना सबसे बड़ी चुनौती बनी हैं वहीं लोगों को बिजली के बिलो को भरने का डर भी मुश्किलें बढ़ा रहा है। गुप्ता ने कहा कि जैसे केंद्र सरकार ने बैंको कि (इएमआई) को भरने में तीन महीनों की राहत दी हैं पंजाब सरकार भी इस माहौल में बिजली के बिलो को भरने में छूट दे और आगे भी पंजाब सरकार द्वारा लिए जा रहे सभी राज्यों से अधिक बिजली के रेटों को कम करें तांकि इस स्तिथि से निकलने के बाद भी पंजाब की जनता पर बोझ ना पड़े।