पंजाब सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को किसी भी सूरत में दाखि़ले से इन्कार न करने के निर्देश

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को किसी भी सूरत में दाखि़ले से इन्कार न करने के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इस साल अब तक सरकारी स्कूलों में 15.61 प्रतिशत (3,44,986 विद्यार्थी) दाखि़ले बढ़े हैं और यह आज तक की एक साल में सबसे ज़्यादा वृद्धि है। यह जानकारी देते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि एक सीमा से अधिक दाखि़ले होने और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण कुछ स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों को दाखि़ला न देने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस संदर्भ में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुमार ने सरकारी स्कूलों में दाखि़ला लेने के चाहवानों को हर हाल में दाखि़ला देने के लिए राज्य के सभी डी.ई.ओज़. ( सेकेंड्री और ऐलीमैंट्री) को पत्र जारी किया है। 

शिक्षा सचिव ने कहा कि स्कूलों में एक सीमा से अधिक सीटें भरने या बुनियादी ढांचे की कमी के कारण विद्यार्थियों को दाखि़ले से इन्कार न किया जाए। उन्होंने बुनियादी ढांचे की कमी के मामले के सम्बन्ध में स्थानीय स्तर पर उचित प्रबंध करने के लिए भी निर्देश दिए हैं। जहाँ एक सीमा से अधिक विद्यार्थी हैं, उस सूरत में स्कूलों में दोहरी शिफ़्ट शुरू करने के लिए भी स्कूलों को प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया है।

इससे पहले शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में दाखि़ले के सम्बन्ध में विद्यार्थियों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट के लिए मजबूर न करने के लिए भी स्कूल प्रमुखों को हिदायत जारी कर दी गई है और ऐसे विद्यार्थियों को अपने स्तर पर दाखि़ला देने के लिए स्कूल प्रमुखों को कहा गया है। इसके साथ ही स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि ट्रांसफर सर्टिफिकेट न होने वाले विद्यार्थी के अभिभावकों से पढ़ाई के सम्बन्ध में लिखित तौर पर लिया जाए।