पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, आठ शहीदों के वारिसों को सरकारी नौकरी देने का ऐलान

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): पंजाब सरकार ने पिछले कुछ सालों में शहीद हुए आठ जवानों के एक-एक परिजन को सरकारी नौकरी देने का आज ऐलान किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य सचिव करन अवतार सिंह के नेतृत्व में बनी उच्चाधिकार समिति की सिफारिाशों पर यह नियुक्तियां की गई हैं।

शहीद जवानों में सीआरपीफ जवान इंस्पेक्टर रघबीर सिंह, जो अप्रैल 2017 में छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए थे, दक्षिणी सूडान में यूएन मिशन में सेवाएं देते हुए शहीद हुए मेजर रवि इंदर सिंह, अरुणाचल प्रदेश में दुर्घटनाग्रस्त एएन 32 विमान के फ्लाईट लेफ्टीनेंट मोहित गर्ग, 2018 में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से संघर्ष में शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल कांस्टेंबल मुख्तियार सिंह, जम्मू कश्मीर में पिछले साल सुंदरबनी में शहीद हुए जे एंड के राइफल्ज के राइफलमैन सुखविंदर सिंह, पिछले साल ही हथियारों के साथ फायरिंग अभ्यास के दौरान शहीद हुए गरनेडियर संजय कुमार, सियाचीन ग्लेश्यिर के उच्च क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए मनविंदर सिंह और अरुणाचल प्रदेश में 2018 में शहीद हुए गन्नर लेखराज शामिल हैं।

इनके परिजनों क्रमश: अमृतबीर सिंह (तहसीलदार), तनवीर कौर (तहसीलदार, आस्था गर्ग (आबकारी एवं कर अधिकारी), मलकीत कौर (शिक्षा विभाग में लाइब्रेरी रिस्टोरर), गुरपाल सिंह (लोक निर्माण विभाग-इलेक्ट्रिकल जूनियर इंजीनियर), राधा रानी (सहकारी सेवा निरीक्षक), अकविंदर कौर (नायब तहसीलदार) और अमनदीप (क्लर्क) को सरकारी नौकरी दी गई है।