जो स्टूडेंट फीस नहीं भर पाएगा उसका नाम नहीं काट सकेंगे निजी स्कूल 

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): प्राइवेट गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की तरफ से फीस वसूले जाने के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे विद्यार्थियों के माता-पिता को बड़ी राहत देते हुए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार की तरफ से दायर अपीलों पर नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही अदालत ने हिदायत की है कि इस दरमियान किसी भी विद्यार्थी का स्कूल में से नाम नहीं काटा जाएगा। यह राहत उन सभी विद्यार्थियों / माता-पिता को मिलेगी जो स्कूल फीस भरने में असमर्थ हैं और जिन्होंने 2016 के एक्ट के अंतर्गत माली तंगी का हवाला देते हुए स्कूल और स्टेट रेगुलेटर के समक्ष आवेदन दिया हुआ है। इन आवेदनों पर सम्बन्धित अथॉरिटी की तरफ से जल्द फैसला लिया जाएगा।


अंतरिम राहत के सवाल पर संबंधित पक्षों का दो घंटों से अधिक समय तक पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि शंकर झा और जस्टिस अरुण पल्ली के डिवीजन बेंच ने कहा कि आमतौर पर अदालत अपीलों पर ही नोटिस जारी करती है। हालांकि यह अंतरिम राहत वाला हुक्म पंजाब के एडवोकेट जनरल की तरफ से सिंगल जज द्वारा दिए गए फैसले के प्रभाव के बारे में प्रकट की गई आशंकाओं और बेचैनी के मद्देनजर पास किया जा रहा है। पंजाब ने हाईकोर्ट के डिवीजन बैंच के समक्ष अपील दायर की है क्योंकि पहले फैसले में स्कूलों को फीस वसूलने की आज्ञा दी गई थी फिर चाहे उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा देने की पेशकश की थी या नहीं और असली खर्चे वसूलने की भी आज्ञा दे दी थी। हाई कोर्ट के डिवीजन बैंच की तरफ से इस मामले पर अगली तारीख पर सुनवाई की जायेगी। उधर, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि डबल बैंच ने सिंगल बैंच के फैसले पर मोहर लगाते कहा है कि सभी पक्षों को सिंगल बैंच के फैसले को मानना पड़ेगा।