निजी बस ऑपरेटर्स की हड़ताल का दिखा असर

ऊना (ममता भनोट) : पेट्रोल व डीजल के बढ़ते दाम के बाद बस किराए की वृद्धि को लेकर शनिवार को निजी बस आपरेटर संघ की हड़ताल रही। जिला में हड़ताल का खासा असर देखने को मिला। आपरेटर संघ की हड़ताल के चलते जिला में 320 निजी बसों के पहिये थमने से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक आंकड़े के अनुसार जिला में बसों की हड़ताल के चलते निजी बस ऑपरेटर्स को करीब 14 लाख रुपये का नुक्सान हुआ है। निजी बसों की हड़ताल के चलते सरकारी बसें यात्रियों से लबालब भरी हुई थी। निजी बस ऑपरेटर्स संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मांगे पूरी न होने तक हड़ताल जारी रखेंगे। आने वाले दिनों में आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा।  

यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश कुमार पराशर के नेतृत्व में बस ऑप्रेटरों ने ऊना बस स्टैंड पर  सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष व्यक्त किया। निजी बसों की स्ट्राईक से आम जनजीवन पर भी खास प्रभाव देखने को मिला। रोजाना हजारों की संख्या में प्राईवेट गाडिय़ों में सफर करने वाले यात्री सरकारी बसों या फिर स्वयं के वाहनों से अपने कार्यस्थल तक पहुंचे। वहीं कई क्षेत्रों में सरकारी बसों का टाईम न होने के चलते लोग अपने दफ्तर देरी से पहुंचे। जिला की सडके निजी बसों के न चलने के कारण सुनसान दिखी। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर का कहना है कि डीजल के बढ़ते दामों के चलते अनिश्चिकाल के लिए स्ट्राईक शुरू की गई है। वर्ष 2013 में जब डीजल 46 रुपए लीटर था तो 30 प्रतिशत किराए में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन आज डीजल 76 रुपए पहुंच गया है, लेकिन अभी तक किराए में बढ़ोतरी नहीं हुई है। बसों की बीमा राशि दोगुनी हो गई है। ऐसे हालत में बसों का संचालन करना मुश्किल हो गया है।

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