कैदी का सनसनीखेज खुलासाः कैदियों के शव की खाद बनाकर की जाती है सेना के जवानों के लिए खेती

नई दिल्ली(उत्तम हिन्दू न्यूज): उत्तरी कोरिया से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस खबर को पढ़कर आप भी चौंक जाएंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है। दरअसल एक पूर्व कैदी ने ये दावा किया है कि उत्तरी कोरिया में राजनीतिक कैदियों के शवों से खाद बनाकर उनसे सेना के जवानों के लिए फसलें उगाई जा रही हैं। 

Another death in Assam's detention camp brings the total to 29 ...

मिली जानकारी के मुताबिक उत्तरी कोरिया के केचियॉन कैंप में बंद एक पूर्व महिला कैदी किम इल सून ने बताया कि केचियॉन कैंप एक कंसेंट्रेशन कैंप है। ये कैंप यहाँ की राजधानी प्योंगयांग में स्थित है। यहां कैदियों को जो यातनाएं दी जाती हैं, वैसी कहीं नहीं दी जाती होंगी। किम इल सून ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में फसले उग नहीं रही थी, तब किसी ने यह सलाह दी कि मारे गए कैदियों के शवों से खाद बनाकर जमीन में डाली जाए, तो फसलें अच्छी होंगी। इसके बाद से यह परंपरा चालू हो गई। फसलें अच्छी होने लगी तो कैदियों को मारकर उनके शवों के खाद बनाए जाने लगे। ये शव प्राकृतिक खाद का काम कर रहे हैं। 

Harvesting Rice by Hand in Korea | Final Straw: Food, Earth, Happiness

हालांकि इस बात का खुलासा उस समय हुआ है जब पूरी दुनिया उत्तरी कोरिया के मिसाइल परीक्षणों से नाराज है। क्योंकि उत्तरी कोरिया ने पिछले एक महीने में चार परीक्षण किए हैं। किम इल सून ने बताया कि उत्तरी कोरिया के सैनिकों को इस बात की भी ट्रेनिंग दी जा रही है कि कितनी दूरी पर और किस तरीके शवों को दफनाना है। इससे शव खाद बन सकें और फसलों को फायदा मिले। जानकारी के मुताबिक किम इल सून ने अपनी यह कहानी मानवाधिकार समिति (HRNK) को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में बताई। किम इल सून केचियॉन कैंप ने किसी तरह भागी थी। HRNK के कार्यकारी निदेशक ग्रेग स्कारलेटिउ ने कहा कि कोरोना के दौर में भी किम जोंग उन के अपराध कम नहीं हो रहे हैं।