राष्ट्रपति अभिभाषण

01:05 PM Jun 22, 2019 |

सत्रहवीं लोकसभा के पहले सत्र में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने सरकार के पांच वर्षों की योजनाओं की रूपरेखा पेश की। उन्होंने कहा, लोकसभा के इतिहास में सबसे बड़ी संख्या में 78 महिला सांसदों का चुना जाना नए भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। लगभग आधे सांसद पहली बार निर्वाचित हुए हैं। राष्ट्रपति ने सभी सांसदों से एक राष्ट्र-एक साथ चुनाव के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का अनुरोध भी किया। चुनाव संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि नया भारत संवेदनशील होगा और आर्थिक रूप से समृद्ध भी। उन्होंने कहा, आतंकवाद और नक्सलवाद से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। कोविंद ने कहा, मेरी सरकार ने यह तय किया है कि घुसपैठ की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाया जाएगा। साथ ही उत्पीडऩ का शिकार हुए परिवारों की सुरक्षा के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए कानून में संशोधन का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने तीन तलाक प्रथा का उल्लेख करते हुए कहा, देश में हर बहन-बेटी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने हेतु 'तीन तलाक' और 'निकाह हलाला' जैसी कुप्रथाओं का उन्मूलन जरूरी है। मैं सभी सदस्यों से अनुरोध करूंगा कि ऐसे प्रयासों में सहयोग दें। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार 'मेक इन इंडिया के तहत आधुनिक अस्त्र-शस्त्र बनाने पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत को पहला राफेल लड़ाकू विमान और अपाचे हेलीकॉप्टर निकट भविष्य में मिलने जा रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा, मेरी सरकार की पड़़ोसी देश पहले (नेबरहुड फस्र्ट) की नीति दक्षिण एशिया एवं निकटवर्ती क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की हमारी सोच का प्रमाण है। इस पूर क्षेत्र की प्रगति में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यही कारण है कि इस क्षेत्र में व्यापार, कनेक्टिविटी और जनता के बीच संपर्क को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इसी के साथ लोकसभा चुनावों को भारत की विकास यात्रा जारी रखने के लिए जनादेश बताते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा कि भविष्य में भारत अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

नरेन्द्र मोदी की वर्तमान सरकार के लक्ष्यों को लेकर राष्ट्रपति ने जो कुछ कहा वह स्वागत योग्य है। लेकिन धरातल का सत्य यह है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने अपने अभिभाषण में जो कुछ भी कहा आम जनता मोदी सरकार से इससे कहीं अधिक अपेक्षाये और आशायें लगाई बैठी है। जन साधारण देश की सुरक्षा के साथ आर्थिक खुशहाली और सामाजिक स्तर में सुधार चाहती है। अगर पहले दो-तीन वर्षों में सरकार ने उपरोक्त क्षेत्रों में कोई ठोस कदम न उठाए तो जन साधारण का मोदी सरकार से मोह भंग हो सकता है। इसलिए सरकार को जन साधारण के जीवन में कैसे सकारात्मक बदलाव हो सकता है इस बात को प्राथमिकता देते हुए गंभीर चिंता कर ठोस कदम उठाने होंगे।

-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।