राजधानी दिल्ली की उत्तर-पश्चिम सीट से दलितों को साधने की तैयारी

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): दिल्ली की एकमात्र सुरक्षित सीट उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट मतदाताओं की संख्या के हिसाब से यह दिल्ली की सबसे बड़ी लोकसभा सीट है। वर्ष 2014 में इस सीट पर कुल 21,94,425 मतदाता थे, इनमें से 13,56,036 ने अपने मतों का प्रयोग किया था। इस बार सभी पार्टियां इसे जीतकर दिल्ली के दलित वोटरों को अपना वोट बैंक होने का संदेश देना चाहती हैं।

2019 के लोकसभा चुनावों में ‘आप' ने इस सीट पर गुग्गन सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने अभी अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया। वहीं, कांग्रेस पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान पर दांव लगाने पर विचार कर रही है। हालांकि, अभी इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

इस लोकसभा सीट की 10 विधानसभा में केवल रोहिणी से भाजपा विधायक है। अन्य नौ जगहों पर आम आदमी पार्टी के विधायक हैं। निगम के 47 वार्डों पर गौर करें तो 27 वार्ड पर भाजपा, 12 पर ‘आप', पांच पर कांग्रेस, एक पर बसपा और 2 निर्दलीय पार्षद हैं।
उत्तर पश्चिमी लोकसभा सीट पर सबसे अधिक 21 फीसदी दलित मतदाता और 20 फीसदी ओबीसी मतदाता हैं। वहीं यहां करीब 16 फीसदी जाट, 12 फीसदी ब्राह्मण, 10 फीसदी बनिया और आठ फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं।

इस सीट के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे अलीपुर, मुंडका आदि के ग्रामीण यहां दमदार प्रत्याशी चाहते हैं जो केंद्र में बैठी सरकार से तालमेल कर यहां की परिवहन, शिक्षा, औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य मुद्दों पर काम करे।

कुल मतदाता
21,94,425
वर्ष 2014 में 13,56,036 मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग किया था।

यह भी जानें
वर्ष 2002 में गठित परिसीमन आयोग की सिफारिशों के परिपालन के बाद 2008 में यह निर्वाचन क्षेत्र अस्तित्व में आया। बाहरी दिल्ली के कई क्षेत्रों को अलग कर इसमें दिया गया था। वर्ष 2009 में हुए पहले चुनाव में कांग्रेस पार्टी की कृष्णा तीरथने यहां चुनाव जीता था। 2014 में भाजपा के डॉ. उदित राज ने यहां से विजय हासिल की।