पटियाला में मोती महल का घेराव करने जा रहे बेरोजगार अध्यापकों पर पुलिस ने बरसाए डंडे

पटियाला (उत्तम हिन्दू न्यूज): आज पटियाला में माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब पुलिस ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सरकारी आवास मोती महल का घेराव करने जा रहे टीईटी पास बेरोजगारों पर जमकर लाठीचार्ज किया। जानकारी के अनुसार दोपहर में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने नेहरू पार्क में घेर लिया था और ये लोग तार फांदकर मोती महल की तरफ बढ़ रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की होने लगी, जिसके बाद मौजूद लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किए।

 

पटियाला में जमीन पर बैठकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करती महिला टीईटी पास बेरोजगार।
बता दें कि पिछली 4 सितंबर से संगरूर के सुनाम गेट के पास टंकी के नीचे बेरोजगार रोजगार की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। इनकी मांग है कि प्राथमिक स्कूलों में जितनी भी पोस्ट खाली पड़ीं हैं, उन सभी को भरा जाए, जिससे प्राथमिक स्कूलों का भविष्य बच सगे। जो ईटीटी टेट के पास अध्यापकों और एक और पेपर लागू किया गया है, उसे तुरंत रद्द किया जाए और भर्ती पहले की तरह टीईट की मेरिट पर की जाए और उम्र की सीमा 37 से 42 साल की जाए।

मुख्यमंत्री की अनदेखी के चलते बेरोजगारों ने 8 मार्च को मोती महल घेरने का ऐलान किया था। पहले से किए गए ऐलान के मुताबिक 8 मार्च यानी आज दोपहर जब बेरोजगार नेहरू पार्क में इकट्‌ठा होने लगे तो पुलिस ने एकत्रित लोगों की घेराबंदी कर ली। जिसके प्रदर्शनकारी बेरोजगारों ने तार फांदकर मोती महल की तरफ बढ़ना की कोशिश की। रास्ते में ही दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए उन पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि इस घटना में काफी संख्या में प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

बेरोजगारों को लाठियों के प्रहार कर आगे बढ़ने से रोकती पुलिस।

इस पूरे मामले में सूबा प्रधान दीपक कंबोज का कहना है कि पंजाब में में 12000 पद खाली हैं और 14136 टीईट पास अध्यापक हैं। एक तरफ सरकार जल्दी 58 साल में रिटायरमेंट करके पोस्टें खाली कर रही है और दूसरी तरफ जब रोजगार की मांग को लेकर संगरूर बैठे बेरोजगार ईटीटी टेट के पास अध्यापकों को रोजगार देने की जगह उनके साथ पोस्टों का मजाक कर रही है। अपना हक मांगने की कोशिश कर रहे हैं तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं।