दूसरी पारी में इन तीन चीजों पर फोकस करेंगे पीएम मोदी, अफसरों को दिए सख्त निर्देश 

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दूसरी पारी में देश के विकास के लिए अपनी प्राथमिकताएं तय कर दी हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस  बार प्रधानमंत्री का फोकस कृषि, रोजगार और आयात यानी AEI पर रहने वाला है। इसके लिए उन्होंने देश के वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ बैठक में ये साफ निर्देश दिए हैं कि विभाग अपनी नीति और भविष्य का एक्शन प्लान बनाते समय आम आदमी का जरूर ध्यान रखें। 

जानकारी के मुताबिक, सरकार की प्राथमिकता में खेती-किसानी (Agriculture), रोजगार (Employment) बढ़ाना और आयात (Import) को घटाना है। प्रधानमंत्री ने नौकरशाहों को साफ हिदायत दी है कि हर विभाग अपनी नई नीति बनाते समय इन तीन बातों का जरूर ध्यान रखें। यानी हर विभाग को अपने एजेंडे में कृषि, रोजगार और आयात कम करने को प्राथमिकता देनी होगी।

प्रधानमंत्री के निर्देश के अनुसार, हर मंत्रालय इस बात का ध्यान रखेगा कि उसकी आने वाली नीति और भविष्य की योजनाओं से कृषि और किसानों को क्या फायदा होना है, क्योंकि, प्रधानमंत्री जल्द से जल्द किसानों की आय दोगुनी करना चाहते हैं। सभी विभागों के मंत्री और सचिव कृषि मंत्रालय के साथ तालमेल कर ऐसी नीति और योजनाएं बनाएंगे, ताकि किसानों की आय जल्द से जल्द और ज्यादा से ज्यादा बढ़ाई जा सके।

रोजगार पैदा करने पर रहेगा जोर
साथ ही विभागों को रोजगार पर भी ध्यान रखना है. इसके लिए मंत्रियों और विभागीय सचिवों को साफ-साफ संकेत दिया गया है कि विभाग आने वाले पांच सालों की जो एक्शन प्लान तैयार करेंगे, उसमें इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि हर विभाग किस तरह ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा कर सकता है। इसके लिए उन्हें सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय के साथ तालमेल रखने के लिए कहा गया है।

आयात घटाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री देश में आयात को भी कम से कम करना चाहते हैं, ताकि विदेशी मुद्रा का भंडार बचा रहे। भारत दुनिया में आर्थिक महाशक्ति के रुप में उभरे, इसके लिए सभी मंत्रालयों को ऐसी नीति और योजनाओं बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे देश में आयातित होने वाले सामानों की संख्या कम से कम हो सके। इसके लिए विभाग वाणिज्य मंत्रालय से तालमेल कर अपनी नीति बनाएंगे। प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद सभी विभागों के सचिव जोर-शोर से सरकार की नई नीति और एक्शन प्लान बनाने में जुट गए है। साथ ही सभी विभागों ने अपनी योजना में सरकार के AEI के एजेंडा को शामिल करने के लिए नए-नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं, ताकि प्रधानमंत्री की ओर से तय किए गए लक्ष्य को पूरा किया जा सके।