CII के वार्षिक सत्र पर बोले PM मोदी- मुझे देश के टैलेंट और टेक्नोलॉजी पर भरोसा, पटरी पर लौटेगी हमारी अर्थव्यवस्था

12:03 PM Jun 02, 2020 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक सत्र को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा हमें एक तरफ देशवासियों का जीवन भी बचाना है तो दूसरी तरफ देश की अर्थव्यवस्था को भी स्थिर करना है, उसे गति देनी है। इस स्थिति में आपने “Getting Growth Back” की बात शुरू की है और निश्चित तौर पर इसके लिए आप सभी, भारतीय उद्योग जगत के लोग बधाई के पात्र हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि हम जरूर वापसी करेंगे। मुझे भारत के टैलेंट और टेक्नोलॉजी पे भरोसा है, लीडर्स पे भरोसा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार देश के सामने 'आत्मनिर्भर भारत' का खाका पेश किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को फिर से तेज विकास के पथ पर लाने के लिए, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए 5 चीजें बहुत जरूरी हैं। ये हैं- Intent, Inclusion, Investment, Infrastructure और Innovation।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के बीच हमें देश के लोगों के जीवन को तो बचाना ही है साथ ही साथ अर्थव्यवस्था को स्थिर भी करना है। अनलॉक-1 के लागू होने के बाद अर्थव्यवस्था पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला बड़ा भाषण है। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संकट की वजह से पहले के तुलना में अब दुनिया के अन्य देश बाकी देशों का साथ ज्यादा चाहते हैं।

कोरोना संकट से निपटने के लिए किए जा रहे पीपीई किट के निर्माण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रोजाना अब देश में तीन लाख पीपीई किट बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि तीन महीने के अंदर ही सैकड़ों करोड़ की इंडस्ट्री खड़ी कर दी गई है।  

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के बीच 74 करोड़ लोगों के घर राशन पहुंचाया गया है। लॉकडाउन के दौरान सरकार ने गरीबों को 8 करोड़ से ज्यादा गैस सिलेंडरों को उनके घरों तक फ्री में पहुंचाया है। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टरों के कर्मचारियों के खातों में ईपीएफ में सहायता की है। 

पीएम मोदी ने कहा कि किसान अब अपनी शर्तों पर किसी भी राज्य में फसल को बेच सकता है। अब इलेक्ट्रोनिक ट्रेडिंग के जरिए से फसल को बेचा जा सकता है। इससे कई नए रास्ते खुलने जा रहे हैं। इसी तरह हमारे श्रमिकों को ध्यान में रखते हुए लेबर रिफॉर्म भी किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई की परिभाषा स्पष्ट करने की मांग लंबे समय से उद्योग जगत कर रहा था, वो पूरी हो चुकी है।  इससे एमएसएमई बिना किसी चिंता के आगे बढ़ पाएंगे और उनको स्टेट्स बनाए रखने के लिए दूसरे रास्तों पर चलने की ज़रूरत नहीं रहेगी।

बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से पिछले कई दिनों से देश में लॉकडाउन लागू है। हालांकि, अब पांचवें चरण में लॉकडाउन सिर्फ कंटेनमेंट जोन तक सीमित कर दिया गया है। देशव्यापी बंदी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर भी काफी गहरा असर पड़ा है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सरकार के दूसरे कार्यकाल के दूसरे वर्ष की पहली कैबिनेट बैठक की थी। इस बैठक में किसानों, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम क्षेत्र (एमएसएमई) और रेहड़ी लगाकर गुजर बसर करने वाले लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने रेहड़ी  लगाने वालों को सस्ते ब्याज पर ऋण देने के लिए एक विशेष माइक्रो-क्रेडिट सुविधा योजना , पीएम स्व-निधि शुरू की। यह योजना उन्हें फिर से काम शुरू करने और अपनी आजीविका कमाने में सक्षम बनाने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। वेंडर, हॉकर, ठेले वाले, रेहड़ी वाले, ठेली फलवाले आदि सहित 5० लाख से अधिक लोगों को इस योजना से लाभ मिलने की संभावना है। शहरी स्थानीय निकाय इस योजना के कायार्न्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।