प्रधानमंत्री की खरी खरी

01:28 PM Jul 04, 2019 |

भाजपा संसदीय दल की पहली बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुव्र्यवहार कर पार्टी की छवि खराब करने वाले नेताओं को साफ संदेश दिया। उन्होंने हाल में इंदौर की घटना का जिक्र किए बगैर कहा कि पार्टी के सांसद से लेकर हर छोटा या बड़ा कोई भी कार्यकर्ता गलत काम करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मोदी ने कहा बेटा किसी का हो मनमानी नहीं चलेगी।

बैठक को लेकर भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह का अहंकार, घमंड व दुव्र्यवहार, जिससे पार्टी की छवि खराब होती हो, अस्वीकार्य है। कैलाश विजयवर्गीय भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं और जब मोदी ने घटना की निंदा की तब वह बैठक में उपस्थित थे। मोदी ने सांसदों से सत्र में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि संसद सीखने की जगह है, जो सीखेगा उसका ही सम्मान होगा। उन्होंने सांसदों से सरकार की योजनाओं व आगामी बजट को जनता के पास ले जाने को कहा। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों को अपने क्षेत्र के हर बूथ पर 5-5 पेड़ लगाने का लक्ष्य दिया। मोदी ने इस कार्यक्रम को 'पंचवटीÓ का नाम दिया है। बैठक में मोदी बोले, पार्टी के नाम पर ऐसा दुव्र्यवहार अस्वीकार्य है। ऐसे नेता और उनका समर्थन करने वालों को पार्टी से निकाला जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि बदसलूकी करने, पार्टी को बदनाम करने या सार्वजनिक तौर पर अहंकार दिखाने का अधिकार किसी को नहीं है। दरअसल, विधायक आकाश विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम के एक अधिकारी की बल्ले से पिटाई की थी। आकाश ने कहा था कि उनकी नीति है पहले आवेदन, फिर निवेदन और अंत में दन दनादन। हालांकि जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि भगवान उन्हें फिर से ऐसी बल्लेबाजी का मौका न दे।

जिस वृक्ष पर फल लगता है वह झुक जाता है, यही बात इंसान को भी समझने की आवश्यकता है। जितने भी बड़े पद पर इंसान पहुंच जाए उसको नम्रता नहीं छोडऩी चाहिए। आजकल इसके ठीक उलट होता देखने को अधिक मिलता है, जिसके नाम के साथ कोई पद जुड़ जाता है उसकी गर्दन भी अकड़ जाती है। उसमें यह भाव भी आ जाता है कि उसके बिना शायद काम चलने वाला नहीं। अहंकार से भरा इंसान धीरे-धीरे धरती से कट जाता है और उसका पतन होना शुरू हो जाता है। मोदी ने ठीक कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति को संगठन के प्रति अपनी जिम्मेवारी समझते हुए मर्यादा में रहना चाहिए। संगठन न जाने कितने लोगों के संघर्ष के परिणामस्वरूप आगे बढ़ता है, उसकी छवि खराब करने का किसी को छूट नहीं दी जा सकती। संगठन या पार्टी के हित को जो कोई भी नुकसान पहुंचाये चाहे वह कोई भी हो कितना बड़ा भी हो, उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई तो होनी ही चाहिए। भाजपा के विधायक आकाश विजयवर्गीय विरुद्ध प्रधानमंत्री का सख्त रुख पार्टी के अन्य नेताओं के लिए भी स्पष्ट संकेत है कि अनुशासनहीनता व पार्टी के हित विरोधी कोई भी बात बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



इरविन खन्ना,  मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।