प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उठा लोगों का भरोसा : प्रो. बलजिंदर कौर

चंडीगढ़ (विज): काले कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आरपार की लड़ाई वाले आंदोलन को खत्म करवाने के मकसद से अब मोदी सरकार आंदोलन में धर्मिक नेताओं की हस्तेक्षप करवा कर किसान आंदोलन को गलत दिशा देने की चाल रही है। 

हलका तलवंडी साबो से विधायक प्रो. बलजिन्दर कौर और हलका महल कलां से विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी ने कहा कि मोदी सरकार को अब पता चल गया है कि उनके ऊपर से किसानों का विश्वास उठ गया है। इसलिए वे अब मुद्दों का हल करने की बजाए आंदोलन को धार्मिक रंग देने की साजिश रच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अपने चहेते कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए काले कृषि कानून लेकर आई। जिन कानूनों को हमारे देश के अन्नदाता अपने लिए मौत का वारंट बता रहे हैं। मोदी सरकार उसे किसानों के लिए लाभकारी होने का झूठा प्रचार करने में लगी है। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से किसान सड़कों पर दिन-रात सर्द, तूफान और बारिश में अपनी जान जोखिम में डालकर आंदोलन स्थल पर डटे हुए हैं लेकिन मोदी सरकार किसानों की मांगें स्वीकार करने की बजाए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। पहले उसने संघर्ष को बदनाम करने की कोशिश की, जब उनकी चाल सफल नहीं हुई तो अब आंदोलन को धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चाहिए तो यह था कि मोदी सरकार आंदोलनकारी किसानों की मांग पर तुरंत तीनों ही काले कानून रद्द करती, परंतु वह तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हुए आंदोलन को फेल करने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को इस आंदोलन को गंभीरता से लेना चाहिए। यह आंदोलन किसी एक वर्ग और सांप्रदाय के लोगों का नहीं है। यह देश के किसानों, मजदूरों, कामगार और आमलोगों का आंदोलन है। आंदोलनकारियों की जायज़ मांगों को मानते हुए सरकार तुरंत इन तीनों काले कानूनों को रद्द करे और किसानों को उनकी फसलों के एमएसपी की कानूनी गारंटी दे।