डिजी-लॉकर से लोगों की अपने दस्तावेज़ों तक पहुंच हर समय रहेगी : सीमा जैन

चंडीगढ (विज) - सरकारी कार्यालयों में दस्तावेज़ों के प्रयोग को घटाकर ई-दस्तावेज़ों को बढ़ावा देने के लिए पंजाब के प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा डिजी-लॉकर सम्बन्धी एक दिवसीय राज्य स्तरीय वर्कशॉप करवाई गई। यह वर्कशॉप इलेक्ट्रॉनिक और आई.टी. मंत्रालय के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजऩ के सहयोग से पंजाब सरकार के विभागों और यूनिवर्सिटियों के मुखियों के लिए महात्मा गांधी राज लोक प्रशासन संस्थान (मैगसीपा) में करवाई गई। 

वर्कशॉप की अध्यक्षता करते हुए प्रशासनिक सुधार और उच्च शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव सीमा जैन ने कहा कि प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा  ई-सेवा और एम-सेवा के द्वारा दिए जाने वाले आवेदनों को डिजीलॉकर के साथ जोडऩे की प्रक्रिया शुरू की गई है जिसके द्वारा सेवा केन्द्रों के ज़रिये लोगों को विभिन्न प्रकार की नागरिक सेवाएं दी जाएंगी। लोगों के सम्बन्धित डिजीलॉकर खातों पर जाति सर्टिफिकेट (एस.सी./एस.टी./बी.सी. /ओ.बी.सी.), रिहायश सम्बन्धी सर्टिफिकेट और ग्रामीण क्षेत्र सर्टिफिकेट उपलब्ध हैं जोकि सेवा केंद्र के ज़रिये जारी किये जाते हैं। पंजाब स्टेट ई-गवर्नेंस सोसाइटी और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड डिजीलॉकर के साथ पहले ही जुड़ चुके हैं। 

सीमा जैन ने सेवाएं प्रदान करने वाले सभी विभागों को डिजीलॉकर के साथ जुडऩे की अपील की और इस विधि के द्वारा सर्टिफिकेट जारी करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इसके साथ कोई भी व्यक्ति किसी भी समय डिजीलॉकर पर जाकर जारी हुए अपने दस्तावेज़ देख सकेगा। डिजीलॉकर कोर टीम मैंबर अमित जैन और दुर्गाप्रसाद दास ने कहा कि सभी विभागों को पेपरलैस्स गवर्नेंस के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'डिजिटल इंडियाÓ के उद्देश्य की पूर्ति के लिए डिजीलॉकर अहम भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि पेपरलैस्स गवर्नेंस को उत्साहित करके नागरिकों को ज़रूरी दस्तावेज़ इलेक्ट्रॉनिक रूप में मुहैया करवाने के लिए डिजीलॉकर एक अहम पहल है।

वर्कशॉप के दौरान संबोधन करते हुए डायरैक्टर प्रशासनिक सुधार परमिन्दर पाल सिंह संधू ने कहा कि डिजिटल पंजाब की दिशा की ओर पंजाब तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डिजीलॉकर का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों और अन्य एजेंसियों में दस्तावेज़ों के प्रयोग को घटाकर ई -दस्तावेज़ों की शेयरिंग को उत्साहित करना है।