किसान आंदोलन बना जन आंदोलन :चढूनी

यमुनानगर/ मेहता: भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी आज गधौला टोल प्लाजा पर चल रहे किसान आंदोलन के धरना स्थल पर किसानों के बीच पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश चंद लोगों की मुट्ठी  में खेल रहा है । पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा हर तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। सरकारी संपत्तियों को बेचा जा रहा है। आज केंद्र सरकार विश्व व्यापार संगठन का सदस्य बनने के बाद उनके द्वारा बनाए गए कानूनों के हिसाब से चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसपी देने का झूठा वादा तो कर रही है लेकिन इन कृषि कानूनों को पूरी तरह से खत्म करने की बात नहीं कर रही । उन्होंने कहा कि एमएसपी सरकार को देनी होगी। गेहूं,धान,मक्का का रेट बिहार यूपी में क्या मिल रहा है आप देख लो।  खेती करने के लिए हमारे पास ना तो जमीन है और ना ही आर्थिक साधन । इन कानूनों के बाद हमें अपनी जमीन बेचनी होगी और वैसे भी जमीन के रेट  आधे हो गए हैं। अगर फसलों पर एमएसपी नहीं मिली तो भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक धर्म युद्ध है जिसकी लड़ाई हमें लडऩी है। उन्होंने बताया कि जिस तरह से महाराष्ट्र के 7-8 व्यापारियों ने पूरे देश की दाल का भंडारण करके  और आयात के रेट करके मुनाफा कमाया।  50 रुपये किलो वाली दाल हमें 200 रुपये किलो खानी पडी । उन्होंने कहा कि सरकार का यह कृषि कानून एक कृषि व्यापार कानून है । जबकि खाना व्यापार नहीं होता, भोजन व्यापार नहीं होता। कृषि  व्यापार कानून लाकर सरकार पूंजीपतियों को लाभ देकर किसानों को मारना चाहती है। उन्होंने कहा कि किसान आज पिछ्ले ढाई महीने से  सड़कों पर है। और दो से अधिक किसान अपनी जान गवा बैठे हैं। प्रधानमंत्री कहते हैं कि एमएसपी था, एमएसपी है, एमएसपी रहेगा। लेकिन हम कहते हैं कि यह पीएम झूठा था, झूठा है, झूठा रहेगा। उन्होंने कहा कि  सरकार  23 फसलों की एमएसपी के रेट गारंटी की बात कहती है। लेकिन कितनी फसलों पर एमएसपी पर रेट दे रही है। आज हमारी फसलों का 17 लाख करोड़ रूपये  के करीब लागत बनती है और जबकि हमें 13 से 14 लाख करोड़ रुपये  मिलते है और हर वर्ष में 3 से 4 लाख करोड़ रूपये का नुकसान हो रहा है। सरकार जीडीपी गिरने की बात कहती है। मंदी के दौर में भी सरकार ने किसानों की कोई मदद नहीं की बल्कि मारुति जैसे कार्पोरेट को मदद दी। उन्होंने किसानों में जोश भरते हुए कहा कि सरकार का जवाब हम जरूर देंगे । यह लड़ाई  कितनी भी लंबी लडऩी पड़े  हम लड़ेंगे। और  जब तक भी लड़ेंगे जान लड़ा कर लड़ेंगे। सरकार गुंडाराज चला रही है। उन्होंने कहा कि आन्दोलन को कुचलने के लिए बेरिकैट लगाकर, वाटर कैनिंग से, सडकों को खुदवाकर, झूठे मुकदमें बनाकर आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है। लेकिन अब यह  आंदोलन सिर्फ किसान,मजदूर, व्यापारी का ही नहीं बल्कि आम जन का आंदोलन बन गया है। और अब यह लड़ाई जनता लड़ रही है। बीजेपी के गुंडे आंदोलनकारियों पर पथराव कर रहे हैं, आंदोलन को भटकाने के लिए उपद्रव कराने का प्रयास कर रहे हैं । इसका जवाब हमें जब ये भाजपा वाले वोट मांगने आएंगे तब देना है। इनसे हमें लगातार धमकी मिल रही है और हमारे मनोबल तोडऩे का भी प्रयास किया जा रहा है। सरकार षड्यंत्र फैलाकरआन्दोलन को फैल करना चाहती हैं। जनता आने वाले समय में इन्हें उसका जरूर जवाब देगी।