Monday, May 20, 2019 04:43 PM

हमारा कमजोर पहलू

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के कुरखेड़ा गांव में नक्सलियों द्वारा किए हमले में मारे गए 15 सुरक्षा कर्मियों और निजी वाहन के चालक की हत्या पर महाराष्ट्र के पुलिस प्रमुख सुबोध कुमार जायसवाल अनुसार नक्सलियों ने तड़के 3.30 बजे पहले एक सड़क निर्माण ठेकेदार के 25 वाहनों को आग लगा दी,जब उपरोक्त घटना की जांच हेतु वहां पुलिस की त्वरित कार्रवाई दल का वाहन पहुंचने ही वाला था तो उसे नक्सलियों ने धमाका कर उड़ा दिया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने एक बयान में कहा है कि पुलिसकर्मियों की मौत के समाचार से विचलित हूं मेरी प्राथनाएं एवं संवेदनाएं शहीदों के साथ हैं। हमले की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस खतरे से और अधिक कठोरता से निपटा जाएगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने जिस प्रकार शहीदों के प्रति अपनी संवेदनाओं को प्रकट किया है करीब प्रत्येक भारतीय की भी यही सोच है और वह दु:खी भी है। भारत आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल हो रहा है। भारत के बढ़ते दबाव व प्रभाव के कारण मसूद अजहर को आज वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया गया है। लेकिन भारत में आज भी नक्सली और आतंकी अपने नापाक इरादों को अंजाम देने में सफल हो रहे हैं। कश्मीर घाटी में आतंकियों पर काबू पाने के लिए जिस तरह सुरक्षा कर्मियों और सेना को खुला हाथ दिया गया है, इसी तरह नक्सलियों विरुद्ध भी प्रदेश तथा देश की सरकारों को पुलिस सुरक्षा कर्मी और सेना को 'फ्री हैंड' देना चाहिए।

एक और घटना जो हमारे कमजोर पहलू को दर्शाती है वह है जालंधर में फादर एंथनी के घर से छापे के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा 6 करोड़ से अधिक रुपयों को लेकर लापता हो जाना। अब आरोपियों को केरल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ए.एस.आई. जोगिन्द्र सिंह और राजप्रीत ने खुलासा किया है कि वह यह रकम दो हिस्सों में विदेश भेज चुके हैं। गायब की गई राशि में से 4 करोड़ रुपए अमेरिका और 2 करोड़ रुपए पैरिस भेजे गए। एस.आई.टी. यह जानने में जुटी है कि यह रकम किसके जरिए और किस चैनल के जरिए ट्रांसफर हुई। रकम विदेश भेजने में किसी पुलिस अधिकारी की भूमिका होने की बात भी सामने आई है क्योंकि यह काम इन दोनों ए.एस.आई. के बस का नहीं है। एस.आई.टी. यह भी जानने की कोशिश में है कि ये दोनों आरोपी केरल क्यों गए और इनका आगे प्लान क्या था। एक बड़ा सवाल यह भी है कि अगर रकम विदेश भेज दी गई थी फिर ये दोनों ए.एस.आई. केरल किस मकसद से गए थे। ये तमाम सवाल एस.आई.टी. इन दोनों आरोपियों से पूछ रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारी हो सकती है।

देश में हो रहे लोकसभा चुनावों में कुछ राजनीतिक दल और उनके कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा जो कुछ कहा व किया जा रहा है वह भी भारतीय लोकतंत्र का कमजोर पहलू ही है। आये दिन चुनाव आयोग द्वारा नेताओं पर प्रचार अभियान न करने की कुछ समय की पाबंदी लगाना स्पष्ट करता है कि व्यवस्था में कुछ कमजोरी है, वहीं राजनेताओं की संकीर्ण सोच भी जगजाहिर हो रही है।

विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश होने का दावा करते भारत को जहां अपनी व्यवस्था के कमजोर पहलू पर चिंतन करने की आवश्यकता है वहीं देश की सुरक्षा को लेकर मिल रही आंतरिक व बाहरी चुनौतियों को भी गंभीरता से ले उन पर विचार कर ठोस कदम उठाने होंगे। हमारे पूर्वजों ने सैकड़ों वर्षों के संघर्ष व लाखों-करोड़ों ने अपनी शहादतें देकर देश को आजाद करवाया था। उस आजादी को बचाये रखने और भावी पीढ़ी को एक मजबूत व सुरक्षित देश देने के लिए हमें अपने सार्वजनिक व निजी जीवन के कमजोर पहलुओं पर चिंतन कर कठोर कदम उठाने होंगे।

-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।

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