हाईकोर्ट का आदेश : सी.बी.आई. बेअदबी मामलों की फाइलें एक महीने में पंजाब पुलिस को देे, कैप्टन बोले-राज्य सरकार का स्टैंड क्लीयर हुआ

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): साल 2015 के बेअदबी मामलों की जांच बारे राज्य सरकार की तरफ से लिए स्टैंड की पुष्टि करते हुए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सी.बी.आई.) को इन मामलों से सम्बन्धित सभी केस डायरियाँ और कागज़ात एक महीने के अंदर पंजाब पुलिस के हवाले करने के हुक्म दिए हैं। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट के आदेशों को राज्य सरकार के रूख की हिमायत करार देते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि सी.बी.आई. अदालतों की हिदायतों पर गौर करे और केस से सम्बन्धित फाइलें राज्य को सौंप दे जिससे इन जुर्मों के गुनाहगारों को सजा दिलाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पिछले दो सालों से अधिक समय से सी.बी.आई. की मनमानियों के विरुद्ध लड़ रही है परन्तु केंद्रीय एजेंसी इस समय के दौरान अदालतों की तरफ से जारी किये विभिन्न आदेशों और हुक्मों पर अमल करने में नाकाम रही है। इन मामलों को कानूनी निष्कर्ष पर ले जाने के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी को अदालतों के फैसले का सम्मान करना चाहिए और अपने राजनैतिक अकाओं के इशारों पर अदालतों को धोखा देना बंद करे।

हाईकोर्ट के यह हुक्म साल 2015 में फरीदकोट में घटी बेअदबी की घटनाओं के एक अपराधी सुखजिन्दर सिंह उर्फ सन्नी की तरफ से दी दलील के दौरान दिए। सुखजिन्दर सिंह ने इस पक्ष को आधार बनाते हुए पंजाब पुलिस की एस.आई.टी. की तरफ से की जा रही जांच को चुनौती दी थी कि यह जांच सी.बी.आई. के अधिकार में है। हाई कोर्ट ने सुखजिन्दर की दलील को ख़ारिज कर दिया और सी.बी.आई. को बेअदबी के मामलों से सम्बन्धित सभी दस्तावेज़ और सामग्री पंजाब पुलिस के हवाले करने के लिए कहा। अदालत ने पंजाब पुलिस को भी आदेश दिए कि सी.बी.आई. की तरफ से सौंपी गई सामग्री को जाँचा जाये और मामले की सुनवाई कर रही अदालत के विचारने के लिए केस में पूरक चालान भी पेश किया जाये। हाई कोर्ट के जजों ने आगे कहा कि निचली अदालत यदि ज़रूरत समझे, तो अपराधी को नोटिस भेज सकती है।

जि़क्रयोग्य है कि राज्य सरकार द्वारा साल 2018 में केंद्रीय एजेंसी से जांच कराए जाने संबंधी अपनी सहमति वापस लेने के बाद से ही सी.बी.आई. द्वारा एस.आई.टी. की जांच में रुकावटें पैदा की जा रही हैं। सी.बी.आई इस केस की फाइलें वापस राज्य को सौंपने से लगातार इन्कार कर रही है और सीबीआई ने क्लोजऱ रिपोर्ट दायर करने के बाद सितम्बर, 2019 विशेष जांच टीम की जांच में रुकावट डालने के लिए एक नयी जांच टीम का गठन किया।