Sunday, May 19, 2019 12:28 PM

स्कूली बच्चों में मोटापा, दृष्टिदोष और दांतों की समस्याएं आम

कोलकाता (उत्तम हिन्दू न्यूज): देश भर के स्कूली बच्चों में मोटापा, दृष्टिदोष और दांतों से संबंधित बीमारियां बड़े पैमाने पर बढ़ रही हैं और एक व्यस्क के तौर पर विकसित होने के साथ ही उनमें मधुमेह, उच्च रक्त चाप, दिल की बीमारियां और अन्य परेशानियां नजर आने लगती हैं।
 
स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर एक निजी संगठन के स्कूल स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कार्यक्रम की हाल में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक दो से 17 वर्ष आयुवर्ग के 30.4 प्रतिशत बच्चों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) असंतुलित है जिनमें से 19.1 प्रतिशत बच्चों का वजन सामान्य से अधिक है और वे मोटापे के शिकार हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक देश भर के 20 से अधिक शहरों में विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के 12वीं कक्षा तक के 40 हजार स्कूलों और 300 प्री प्राइमरी सेंटर में स्कूल स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कार्यक्रम के तहत 176240 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच में चौंकाने वाले परिणाम मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 155584 बच्चों की आंखों की जांच में लगभग 25.5 प्रतिशत यानी 39674 बच्चों में दृष्टिदाेष पाया गया। उनमें से लगभग 50 फीसदी बच्चों को हायर सेकंडरी तक पहुंचते-पहुंचते चश्मा लग जाता है। 

स्कूली बच्चों में दांतों की बीमारियां बेहद आम है। विशेष तौर पर कैविटी, प्लाक, टार्टर, मसूड़ों की समस्याएं, उनसे खून निकलना, मुंह की अन्य बीमारियाें की जांच में 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे प्रभावित पाये गये। लगभग 27 प्रतिशत बच्चों के दांतों में कैविटी पायी गयी। इसके अलावा दांतों और मसूढ़ों की संरचना की समस्याएं भी हैं। 
 

देश की सबसे बड़ी और तेज WhatsApp News Service से जुड़ने के लिए हमारे नंब 7400023000 पर Missed Call दें। इस नंबर को Save करना मत भूलें।