Whatsapp प्राइवेसी मामले पर अब सरकार की पैनी नजर, डेटा से लेकर कंपनी की हर हरकत पर हो रही निगरानी

11:25 AM Jan 14, 2021 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर लगातार बातें हो रही हैं और लोग इसका विरोध कर रहे हैं। अब खबर आ रही है कि सरकार व्हाट्सएप के इस नए नियमों की जांच करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि सरकार इस मामले पर नजर रखे हुए है। इसके साथ व्हाट्सएप के नए अपडेट में प्राइवेसी के उल्लंघन की भी जांच कर रही है जिसमें यूजर्स से उनके कुछ बिजनेस और ट्राजेक्शन डिटेल्स मांगे गए हैं।

व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी कंपनी को यूजर्स का डेटा, लोकेशन, फोन नंबर, कॉन्टैक्ट लिस्ट और यूसेज पैटर्न को फेसबुक और इसके अन्य ऐप इंस्टाग्राम और मैसेंजर से शेयर करने का अधिकार देता है। इस नई प्राइवेसी पॉलिसी के आने के बाद से यूजर्स, एडवोकेट्स और कुछ सरकारी एजेंसियां इसपर लगातार सवाल उठा रही हैं।

सूत्रों ने बताया कि सरकार कई तरीकों से इस मामले को लेकर चिंता में है जिसमें डेटा सुरक्षा कानून का अभाव भी शामिल है। एक डेटा कानून के लिए एक बिल संसद में है, लेकिन कानून आने में अभी समय लगेगा।

व्हाट्सएप के इस प्राइवेसी मुद्दे पर आईटी मंत्रालय में उच्चतम स्तर पर चर्चा की जा रही है, और मामले पर कोई कार्रवाई या कदम उसके बाद ही उठाया जाएगा। इसके अलावा सरकार व्हाट्सएप द्वारा किए गए इस बदलाव को लेकर सवाल-जवाब भी कर सकती है।

दरअसल व्हाट्सएप ने जनवरी के पहले हफ्ते में अपने नए प्राइवेसी पॉलिसी को इंट्रोड्यूस किया है जिसे सभी यूजर्स को 8 फरवरी तक एक्सेप्ट करना होगा। ऐसा न करने पर कंपनी यूजर्स के अकाउंट को डिलीट कर देगी। कंपनी की नई पॉलिसी के अनुसार वह यूजर का नाम, पता, फोन नंबर, लोकेशन समेत कई जानकारी को इकट्ठा करेगी और उसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और मैसेंजर के साथ साझा करेगी जिससे यूजर्स को उनकी इंट्रेस्ट के अनुसार एडवर्टाइजमेंट दिखाया जा सके। इसका मतलब यह है कि कंपनी यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करेगी और इसी लिए इसका विरोध किया जा रहा है।