दांव पर सिर्फ किसानी ही नहीं बल्कि देश का लोकतंत्र भी : कुलदीप बिश्नोई

हिसार/उत्तम हिन्दू न्यूज: कांग्रेस केन्द्रीय कार्य समिति के सदस्य एवं विधायक कुलदीप बिश्नोई ने स्थानीय लघु सचिवालय के सामने विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि तीनों कृषि कानून इतने खतरनाक हैं कि इनको पूरी तरह से वापस लिए बगैर कुछ भी होने वाला नहीं है। सरकार संशोधन की बात कह रही है, जबकि इन बिलों में इतनी ज्यादा खामिया हैं संशोधनों से कुछ नहीं होगा। उन्होंने ने कानूनों के सिर्फ एक सेक्शन के उदाहण देते हुए बताया कि जो कांट्रेक्ट फार्मिंग है, उसकी धारा 3 के तहत जो किसान और व्यापारी के बीच कांट्रेक्ट होगा उसमें लिखा जाएगा कि किसान को कौन सी फसल उगानी है। उस फसल का ग्रेड क्या होगा, स्टैंडर्ड क्या होगा और उसकी क्वालिटी क्या होगी। उस फसल को उगाने के लिए जो बीज, खाद, किटनाशक और जो मशीनरी प्रयोग होगी वह सब किसान को जिस व्यापारी के साथ समझौता हो रहा है, उससे लेना होगी। इसके अलावा इसी कांट्रेक्ट में जो फसल तैयार होगी, उसकी कीमत और उसकी कितनी बार चैकिंग होगी के बारे लिखा जाएगा।  फसल के बढऩ, कटने और व्यापारी के खरीदने पर भी उसकी क्वालिटी चैक होगी। कुल तीन बार उस फसल की चैकिंग होगी। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि इस कानून के हिसाब से मानिए कि पूरे देश की जमीन का कांट्रेक्ट किसानों का व्यापारियों के साथ हो गया। व्यापारियों से एग्रीमेंट होने के बाद सारी जो फसल है वह कहां जाएगी। व्यापारी के घर। इसका मतलब हुआ कि सरकार के पास खरीदने के लिए एक दाना नहीं बचेगा।  व्यापारी कितनी फसल खरीद सकता है पहले उस पर प्रतिबंध था, जो अब नए कानूनों में हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि दांव पर न केवल किसानी है, न केवल अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता है, बल्कि इस देश का लोकतंत्र भी है। इस दौरान कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व में बरवाला वासी राह गु्रप के हरियाणा प्रभारी श्रवण वर्मा ने साथियों सहित कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की। इस मौके पर रणधीर पनिहार, संजय गौतम, विनोद निर्मल, बलदेव खोखर, विक्रांत बिश्नोई, जयवीर गिल, गुलजार काहलो, राजेश सिहाग, संदीप डोभी, आदि उपस्थित थे।