फांसी से बचने के लिए निर्भया के गुनाहगार ने अपनाया नया हथकंडा, बोला- घटना के वक्त नाबालिग था

08:46 PM Jan 17, 2020 |

नई दिल्‍ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): निर्भया मामले में दोषी और मृत्‍युदंड की सजा पाए पवन गुप्‍ता ने फांसी से बचने के लिए एक और हथकंडा अपनाया है। उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि घटना के वक्‍त वह नाबालिग था और हाई कोर्ट ने इस संबंध में उसकी याचिका खारिज कर दी। उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। बता दें कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी कर दिया है। निर्भया के दोषियों को अब एक फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी। शुक्रवार को ही दोषी मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी थी। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में नया डेथ वारंट जारी किया। 

इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया केस में चारों दोषियों के लिए 22 जनवरी का डेथ वारंट जारी किया गया था। चारों दोषियों में से एक मुकेश कुमार ने राष्‍ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी, जोकि शुक्रवार को खारिज हो गई। दया याचिका खारिज होने के बाद भी फांसी देने के लिए 14 दिन का नोटिस दिया जाता है।ऐसे में मुकेश सिंह के पास फांसी से बचने का अंतिम रास्ता भी बंद हो गया और मुकेश को फांसी लगना तय है।

वहीं, गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका खारिज होने के बाद फाइल को दिल्ली सरकार के पास भेजी थी। बता दें कि मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेजने के साथ उसे खारिज करने की भी सिफारिश गृह मंत्रालय की ओर से की गई थी। इस पर अमल करते हुए राष्ट्रपति की ओर से यह याचिका खारिज की गई। 

इससे पहले दिल्ली सरकार की ओर से याचिका खारिज करने की अपील करते हुए इसे उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास भेजा गया था। पिछले दिनों दोषी मुकेश सिंह ने तिहाड़ जेल प्रशासन के पास दया याचिका दी थी। यह याचिका राष्‍ट्रपति के पास तिहाड़ प्रशासन के जरिए दिल्ली सरकार फिर उपराज्यपाल और फिर केंद्रीय गृह मंत्रालय होते हुए राष्‍ट्रपति के पास पहुंची थी।