राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने की जनजातीय क्षेत्रों के विकास कार्यों की समीक्षा

10:51 AM Oct 12, 2019 |

शिमला (पीसी लोहमी) - राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) भारत सरकार, नई दिल्ली ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के विकास एवं उत्थान के लिए किए जा रहे उत्कृष्ट योगदान की सराहना की है। डॉ. नंद कुमार साई के नेतृत्व में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी तथा प्रदेश सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज यहां समीक्षा बैठक की।

आयोग के अध्यक्ष, डॉ. नंद कुमार साई ने प्रदेश सरकार से रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाकर फसल उत्पादन के लिए पारम्परिक प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने हिमालय में पाए जाने वाले दुर्लभ औषधीय पौधों तथा जड़ी-बूटियां की पहचान के लिए सर्वे करवाने का भी सुझाव दिया ताकि इसके संरक्षण की दिशा में कार्य किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन दुर्लभ औषधीय पौधे व जड़ी-बूटियों का संरक्षण व संवर्धन किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को भी इसके बारे में पूर्ण ज्ञान व जानकारी प्रदान की जा सके। ये दुर्लभ जड़ी-बूटियां कई गम्भीर बीमारियों के उपचार में काम आती हैं। उन्होंने कहा कि आयोग ने प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए अपनाए जा रहे मॉडल को अन्य राज्यों के साथ भी सांझा किया जाएगा ताकि इसी आधार पर अन्य राज्यों में भी इसे ऐसे क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित किया जा सके।