प्राकृतिक आपदा को 'राष्ट्रीय आपदा घोषित' करने का प्रावधान नहीं : नायडू

01:40 PM Jul 19, 2019 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को टिप्पणी की कि प्राकृतिक आपदा को 'राष्ट्रीय आपदा घोषित' करने का कोई प्रावधान नहीं है लेकिन बहुत ही गंभीर स्थिति में इसके लिए अलग से प्रावधान किए जाते हैं। सभापति ने सदन की कार्यवाही शुरू होने पर शून्य काल के दौरान जनता दल (यूनाटेड) के सदस्य रामनाथ ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य सी पी ठाकुर द्वारा बिहार में बाढ़ का मुद्दा उठाये जाने के बाद यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अक्सर सदस्य प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की बात कहने लगते हैं लेकिन ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।


रामनाथ ठाकुर ने उत्तर बिहार में बाढ़ की विभीषिका का मुद्दा उठाया और कहा कि उस क्षेत्र के कुछ जिलों के भाग्य में ही बाढ़ से जुझना लिखा हुआ है। हर वर्ष बाढ़ से उस इलाके में तबाही होती है। सरकार को इस मामले को देखना चाहिए और नेपाल के साथ मिलकर इसका स्थायी समाधान निकालना चाहिए। सीपी ठाकुर ने कहा कि वे बचपन से इसको देखते आ रहे है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। उत्तर बिहार के छह जिले बाढ़ से प्रभावित है। 16 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित है। सरकार को इससे निपटने और लोगों को इससे स्थायी छुटकारा दिलाने के उपाय करने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए तीनों पक्षों भारत सरकार, बिहार सरकार और नेपाल सरकार को मिल बैठकर इसका समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में नेपाल एक अहम पक्ष है इसलिए उसके साथ विचार विमर्श के बगैर इसका स्थायी समाधान संभव नहीं है क्योंकि उत्तर बिहार में बहने वाली सभी नदियां नेपाल से आती है। उन्होंने कहा कि एक बार पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद के साथ इस संबंध उन्होंने चर्चा की थी तब उन्होंने इस समस्या के समाधान का स्थायी समधान किये जाने के संबंध में एक योजना पर चर्चा की थी।