जेल में हत्या : डेरा ने मोहिंदर पाल बिट्टू के अंतिम संस्कार से किया इंकार, मालवा में तनाव

कोटकपुरा/पटियाला (उत्तम हिन्दू न्यूज): पंजाब के पटियाला के उच्च सुरक्षा वाले नाभा जेल में धार्मिक बेअदबी के प्रमुख आरोपी और डेरा सच्चा सौदा अनुयायी मोहिंदर पाल बिट्टू की दो कैदियों के रॉड मारकर हत्या की घटना को लेकर आज मालवा क्षेत्र में तनाव रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। डेरे ने महिंदर पाल सिंह बिट्टू के शव को नाम चरचा घर के अंदर रखा और अंतिम संस्कार तब तक करने से मना कर दिया जब तक धार्मिक बेअदबी मामलों में उसका नाम हटाया नहीं जाता। पुलिस ने बताया कि मोगा, कोटकपुरा, फरीदकोट और श्री मुक्तसर साहिब जिलों में, खासकर डेरे के नाम चर्चा घरों के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 

बिट्टू का शव सुबह कोटकपुरा लाया गया और नाम चर्चा घर में रखा गया। डेरे की 45-सदस्यीय कार्यकारी समिति ने कहा कि बिट्टू का अंतिम संस्कार तब तक नहीं होने दिया जायेगा जब तक उसके खिलाफ धार्मिक बेअदबी के आरोप हटाये नहीं जाते। समिति ने कहा कि हत्या एक सुनियोजित योजना के तहत हुई है और समिति असली अपराधियों को सलाखों के पीछे देखना चाहती है। बिट्टू, जो समिति का सदस्य था, को पिछले साल जून में हिमाचल प्रदेश के पालनपुर से पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम ने गिरफ्तार किया था जो धार्मिक बेअदबी मामलों की जांच कर रही थी। 

इस बीच इस घटना के बाद जेल अधीक्षक बलकार सिंह की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने बिट्टू पर हमला करने वाले कैदियों मनिंदर सिंह और गुरसेवक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। उन्हें आज पटियाला की एक अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजे जाने का आदेश दिया गया। यह पूछे जाने पर कि बिट्टू की हत्या का कारण धार्मिक बेअदबी थी, बलकार सिंह ने कहा कि यह जांच के बाद ही पता चलेगा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हत्या के मामले में जांच के आदेश दिये हैं और अवर पुलिस महानिदेशक (जेल) रोहित चौधरी के नेतृत्व में एक समिति बनाई गई है जो तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने जेल का आज दौरा किया और बताया कि जेल उपाधीक्षक अजमेर सिंह और वार्डन मेजर सिंह तथा अमन गिरी को निलंबित किया गया है।