चंडीगढ़ में जर्जर सरकारी मकानों की जगह बनेंगे मल्टीस्टोरी मकान

चंडीगढ़ (विज): कुछ समय बाद कर्मचारियों को सरकारी मकान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्हें आवेदन करते ही मकान भी अलाट हो जाएगा। यह सब मकान की संख्या बढऩे से होगा। यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमैंट ने ऐसे सिंगल स्टोरी मकानों का सर्वे शुरू कर दिया है जो खस्ताहाल है। इन जर्जर मकानों को तोड़कर इनकी जगह पहली बार मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनेंगी।

इन बिल्डिंग में ही इंप्लाइज को फ्लैट दिए जाएंगे। इससे दो फायदे होंगे एक तो मकान की किल्लत नहीं रहेगी और दूसरा जमीन कम होने की समस्या का भी हल निकल जाएगा। इंजीनियरिंग डिपार्टमैंट ने अलग-अलग टीमों का गठन कर इन सिंगल स्टोरी मकानों का सर्वे शुरू कर दिया है। सभी टीम सैक्टर वाइज रिपोर्ट तैयार करेंगी।

शहर के सैक्टर-7 और 22 में सिंगल स्टोरी मकानों का सर्वे नहीं होगा। इन दोनों सैक्टरों को हैरिटेज स्टेट्स प्राप्त है। ली कार्बूजिए ने प्यून विलेज भी सैक्टर-22 में बनाया था। जो अब हैरिटेज है। इसे देखने के लिए आर्किटेक्टचर स्टूडेंट्स और देश विदेश से पर्यटक तक आते हैं। इसलिए इस धरोहर को नहीं छेड़ा जा सकता। इन दोनों सैक्टरों को छोड़कर अन्य सेक्टरों का सर्वे होगा। हालांकि इन दोनों सेक्टरों में सरकारी मकानों की संख्या आधे से भी ज्यादा है।

सैक्टर-24, 10, 11, 15, 16, 19, 23, 44 सहित कई अन्य सेक्टरों में अधिकतर सरकारी मकान हैं। इनमें सेक्टर-7, 5, 16 जैसे सेक्टरों में बड़े मकान हैं। जबकि अन्य सैक्टरों में छोटे मकान हैं। चंडीगढ़ बनाने के समय शहर की जनसंख्या 5 लाख थी जोकि अब 12 लाख से अधिक हो चुकी है।
जनसंख्या के हिसाब से ही उस समय सेक्टरों में सिंगल स्टोरी मकान इंप्लाइज के लिए बनाए गए थे। इनमें भी कवर्ड एरिया के साथ ओपन लान तक घर में दिया गया लेकिन अब जनसंख्या बढऩे के साथ मकान की जरूरत कहीं गुणा बढ़ गई है। इंप्लाइज को कई साल इंतजार के बाद भी मकान नहीं मिल रहे।