बद्दी के 5 हजार से ज्यादा उद्योग 11 फायर मैन के सहारे

बद्दी (किशोर ठाकुर): बद्दी में पांच हजार से ज्यादा छोटे-बड़े उद्योग स्थापित हैं। इसके इलावा अन्य राज्यों के 3 लाख से अधिक व्यापारी, उद्यमी, कर्मचारी, मजदूर यहां स्थाई तौर पर निवास करते हैं जिसमें सबसे बड़ी आबादी मजदूर वर्ग की है जो झुग्गियों में अथवा लो कॉस्ट हाउस में किराए के कमरों में परिवार सहित रहते हैं। जहां गर्मियों के दिनों में आगजनी की घटनाएं बढऩे के कारण अक्सर जान-माल का भारी नुकसान होता है। बद्दी में औद्योगिक क्रान्ति का विकास सन 2000 के बाद बहुत तेज गति से हुआ लेकिन सरकारी विभागों में नये पदों को स्वीकृति यहां की जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं की गई।

यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग, लोक सम्पर्क विभाग, पुलिस विभाग, फायर विभाग में स्टाफ की भारी कमी है। बददी के फायर विभाग में 20 साल पहले से चले आ रहे केवल 11 फायर मैन के पद स्वीकृत हैं। जिनके सहारे पूरे औद्योगिक क्षेत्र के साथ साथ रिहायाशी कालोनियों सहित झुग्गीयों को आग से बचाने का जिम्मा है। दून जनहित मोर्चा के अध्यक्ष रणेश ठाकुर ने कहा है कि सरकार इसी बजट में बददी के फायर कार्यालय के लिए 10 नये फायरमैनों के पद स्वीकृत करे। इसके इलावा यहां कार्यालय में न ही कोई सफाई कर्मी है तथा न ही खाना पकाने के लिए कुक की सुविधा है। देर रात को फायर के जवान अपनी डयूटि देने के बाद स्वयं अपने हाथों से खाना बनाते हैं कई बार तो थकावट के कारण बिना खाना खाये ही सो जाते हैं। इसलिए प्रदेश सरकार यहां पर सफाई कर्मचारी तथा कुक की नियुक्ति जल्द करे।

नया फायर आफिस बनकर तैयार हो चुका है, जल्द होगा उद्घाटन
इस विषय पर फायर आफिसर कुलदीप सिंह ठाकुर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बद्दी में साढ़े चार करोड़ रुपए की लागत से नया फायर आफिस बनकर तैयार हो चुका है और जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इसका उद्घाटन करेंगे। इस नई बिल्डिंग में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं नए पदों में प्रदेश सरकार को यहां पर सफाई कर्मी तथा कुक की नियुक्ति करनी है। इसके इलावा बददी औद्योगिक क्षेत्र में आगजनी की घटनायें ज्यादा होती हैं जिसके लिए यहां पर स्टाफ नाकाफी है। यहां पर कम से कम 20 फायर मैन के पद स्वीकृत होना अनिवार्य है। वर्तमान में सोलन कार्यालय मे 20 पद, परवाणु में 15, नालागढ़ में 11, बनलगी में 4, बददी में 11 पद स्वीकृत हैं। जिनमें सबसे बड़ी आबादी और उद्योग बद्दी में स्थापित हैं।