मोदी ने रायबरेली, अमेठी के विकास को रोका : कांग्रेस

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): प्रधानमंत्री को 'मिस्टर गुमराह' करार देते हुए कांग्रेस ने रविवार को उनपर नेहरू-गांधी परिवार के गढ़ उत्तर प्रदेश के अमेठी व रायबरेली के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने मोदी पर कई बड़ी परियोजनाओं को रोकने या बंद करने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को रायबरेली के अपने पहले दौरे के दौरान कई परियोजनाओं का अनावरण किया और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला।

मोदी के हमले पर पलटवार करते हुए उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री पर कांग्रेस नीत संप्रग शासन के दौरान लागू या मंजूर की गई परियोजनाओं का श्रेय लेकर राष्ट्र को गुमराह करने का आरोप लगाया। 

तिवारी ने यहां मीडिया से कहा, जिस तरीके से प्रधानमंत्री देश को गुमराह करते हैं, किसानों और नौजवानों को गुमराह करते हैं और तो और सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह करते हैं, उन्हें 'मिस्टर गुमराह' कहा जाना चाहिए। जिन सभी परियोजनाओं का श्रेय लिया जा रहा है, वे सभी संप्रग शासन के दौरान की परियोजनाएं हैं। हम उनसे पूछना चाहते हैं कि क्या वह कभी भाजपा सरकार की परियोजना का अनावरण करेंगे। 

गांधी परिवार द्वारा रायबरेली के विकास को नजरअंदाज किए जाने के मोदी के आरोप पर पलटवार करते हुए तिवारी ने कहा कि रायबरेली और राहुल गांधी की पारंपरिक सीट अमेठी के विकास में बाधा डालने के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, गांधी परिवार के लिए मोदी की नफरत के कारण ही अमेठी और रायबरेली के लोगों को जूझना पड़ा। प्रस्तावित राष्ट्रीय वाहन अनुसंधान एवं सुरक्षा केंद्र को बंद करने के अलावा मोदी सरकार ने शक्तिमान मेगा फूड पार्क को रद्द कर दिया और हिंदुस्तान पेपर मिल परियोजना को अमेठी से स्थानांतरित कर दिया। 

तिवारी ने आरोप लगाया, इसी तरह रायबरेली में सोनिया गांधी की ड्रीम प्रोजेक्ट रिंग रोड और महिलाओं के लिए देश के पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण को भी मोदी ने रोक दिया। कांग्रेस नेता ने मोदी पर गांधी परिवार पर निजी हमले के लिए प्रधानमंत्री पद की गरिमा को गिराने के लिए भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा, आज के दिन, इंदिरा गांधी के नेतृत्व में एक नए देश (बांग्लादेश) का जन्म हुआ था और उस कदम की सराहना करने के बजाए, मोदी उनपर और उनके परिवार पर हमले कर रहे हैं। तिवारी ने कहा, ये निजी हमले मोदी में प्रधानमंत्री पद की गरिमा की कमी को दर्शाते हैं और उनकी टिप्पणी के लिए उनकी निंदा करना भी नाकाफी है।